ARYABHATT
Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

अपना पहला उपग्रह आर्यभट्ट लॉन्च कर अंतरिक्ष युग में दाखिल हुआ था भारत

आज बहुत से देश कम लागत में अपने उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए भारत पर निर्भर करते हैं। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत अपनी अलग पहचान, अपना दबदबा बना चुका है। देश के अंतरिक्ष के इस सफर में आज की तारीख 19 अप्रैल का खास महत्व है।1975 में आज ही के दिन रूस की मदद से इसरो ने अपने पहले उपग्रह आर्यभट्ट को लॉन्च किया था। यह पहला स्वदेशी वैज्ञानिक उपग्रह था।

वैसे तो आर्यभट्ट का निर्माण पूरी तरह भारत में ही किया गया था, लेकिन तब उसके पास सैटेलाइट लॉन्चिंग के लिए जरूरी रिर्सोसेज नहीं थे। इसके लिए भारत ने सोवियत संघ से समझौता किया था। इस समझौते के तहत भारत के सैटेलाइट को सोवियत संघ के रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में भेजने पर सहमति बनी थी।

इस सैटेलाइट को बैंगलोर के पास पीन्या में ISRO ने तैयार किया था। आर्यभट्ट को सोवियत संघ के वोल्गोगार्ड लॉन्च स्टेशन से कॉसमॉस-3M रॉकेट से लॉन्च किया गया था।अंतरिक्ष में करीब 17 साल रहने के बाद सैटेलाइट आर्यभट्ट 10 फरवरी 1992 को पृथ्वी के वातावरण में लौट आया।आर्यभट्ट को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करना भारत और सोवियत संघ दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि थी। 

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

साझा करें

ताजा खबरें

सब्सक्राइब कर, हमे बेहतर पत्रकारिता करने में सहयोग करें