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महीनों से नहीं मिल रहा ग्रामीणों को अनाज, प्रशासन की अनदेखी से परेशान हैं लोग

सरकार की तरफ से गरीब राशन कार्ड धारियों को हर महीने अनाज उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन जिला शहडोल में अनाज आपूर्ति में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार के सख्त आदेश के बाद भी जिले में ग्रामीण लोगों को समय पर अनाज नहीं मिल पा रहा है। कोरोना महामारी का सबसे बुरा असर गरीब जनता पर पड़ा है। रोजगार छिनने, आय का साधन ना होने से सरकार द्वारा मिलने वाले इसी अनाज पर उनकी जीविका निर्भर है। लेकिन अधिकारी वर्ग द्वारा इस तरह की लेटलतीफी से ग्रामीण जनता को भुखमरी की नौबत आ गई है।

आंकड़ों की माने तो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लगभग 700 से भी ज्यादा शिकायतें अनाज आपूर्ति विभाग से ही हैं। प्रशासन के ढुलमुल रवैये का आलम यह है कि संबंधित अधिकारियों ने 50 से भी ज्यादा शिकायतों को देखा तक नहीं है। सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों में लगभग 300 शिकायतें अनाज ना मिलने और तय मात्रा से कम अनाज मिलने की है। वहीं लगभग ढाई सौ शिकायतें नए राशन कार्ड बनवाने, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने और दुकान बदलवाने से जुड़ी हुई है। कई शिकायतें राशन दुकानों में अनाज की कम मात्रा होने से भी जुड़ी हैं।

इतनी ज्यादा मात्रा में लंबित शिकायतों से समझा जा सकता है कि आम आदमी को किस तरह दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे भी ज्यादा गंभीर समस्या यह है कि अधिकारी वर्ग शिकायतों को हल करना तो दूर उन्हें देखना-सुनना भी जरूरी नहीं समझता। बीते जुलाई महीने की ही बात करें तो सीएम हेल्पलाइन में केवल खाद्यान्न विभाग से ही 200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई। बिना देखे सुने ही शिकायतों को एक टेबल से दूसरे टेबल पहुंचाया जा रहा है।

जिले के जयसिंह नगर ब्लॉक में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई है। जयसिंहनगर ब्लॉक की ग्राम पौड़ी में रहने वाली लीलावती प्रजापति ने भी 12 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत थी कि उन्हें जून माह का राशन नहीं दिया गया है। शिकायत 12 जुलाई को ही L1 अधिकारी सुशील सेन के पास पहुंच गई। लेकिन लगभग 20 दिनों तक शिकायत की अनदेखी होती रही। 20 दिन बाद 4 अगस्त को शिकायत L2 अधिकारी कमलेश डांडेकर के पास पहुंची। शिकायत को देखे बगैर ही उन्होंने भी 17 अगस्त को शिकायत L3 अधिकारी कलेक्टर डॉ सत्येंद्र सिंह को भेज दी। कलेक्टर महोदय द्वारा शिकायत पर जल्द से जल्द कार्यवाही करने के आदेश दिए गए हैं।

दूसरी घटना जिले के बुढार ब्लॉक की है। बुढार ब्लाक के ग्राम ढोलकू के रहने वाले राजकुमार चौधरी ने भी 12 जुलाई को हेल्पलाइन में अपनी शिकायत भेजी। उनका भी यही कहना था कि उन्हें भी जून महीने का राशन कार्ड नहीं मिला है। इस केस में भी शिकायत L1 से L2 और L2 से L3 अधिकारी तक घूमती रही। अंत में कलेक्टर द्वारा शिकायत को हल करने की निर्देश दिए गए।

गरीब जनता को समय पर अनाज ना मिलने से कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। कोरोना काल में पहले से ही परेशान जनता यदि दाने-पानी के लिए इस तरह भटकती रही तो वह दिन दूर नहीं जब भूख से मरने वाले के आंकड़ों में देश ऊपर पहुंचता जाएगा।

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