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जिले में मंडरा रहा अनाज वितरण का संकट, अन्न उत्सव में ही बांट दिया गया सितंबर का खाद्यान्न

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अनाज योजना के तहत अगस्त माह में अन्न उत्सव मनाया गया था। इसमें प्रधानमंत्री उन लाभार्थियों से बात करते हैं जिन्हें शासन की ओर से मुफ्त अनाज वितरित किया जा रहा है। पिछले अगस्त महीने की 7 तारीख को प्रदेश में इसी तरह का एक आयोजन किया गया। खबर यह सामने आई है कि, उत्सव की सफलता को दिखाने के लिए प्रशासन ने सितंबर महीने का खाद्यान्न अगस्त महीने में ही लुटा दिया गया। अब सितंबर महीने के लिए प्रशासन के पास खाद्यान्न नहीं बचा है।

दुकानों में समय पर खाद्यान्न ना पहुंचने, तौल में गड़बड़ी और अनियमितता की समस्याएं पहले ही बनी हुई थी कि इसी बीच स्टॉक में अनाज ना होने का संकट भी आ पड़ा। जिले की अनेक शासकीय दुकानों में एक भी अनाज का स्टॉक नहीं है। इस हालत में सितंबर माह में किस तरह गरीबों को अनाज बांटा जाएगा, यह प्रशासन के लिए चिंता का कारण है।

जानकारी है कि अन्न उत्सव को बढ़ा चढ़ा कर दिखाने और उसकी सफलता का महिमामंडन करने के चक्कर में सितंबर महीने का राशन भी अगस्त में ही बांट दिया गया। इसके कारण कई शासकीय दुकानों में अनाज का पूरा स्टॉक खत्म हो चुका है। शहडोल शहर की 9 व पूरे जिले की लगभग 50 से अधिक शासकीय दुकानों में एक भी अनाज नहीं बचा है।

जिले में अनाज के स्टाक की समस्या नई नहीं है। साल की शुरुआत से ही जिले में पर्याप्त मात्रा में अनाज का स्टॉक नहीं पहुंच रहा है। परिणाम यह होता है कि लोगों को भी सही समय पर और निर्धारित मात्रा में अनाज नहीं मिल पाता है। अनाज वितरण के रिकॉर्ड सही दिखाने के लिए अधिकारी वर्ग मशीनों में अंगूठे के निशान लगा लगा कर कम मात्रा में लोगों को अनाज बांट रहे हैं, और कम स्टॉक की खानापूर्ति कर रहे हैं। सही तरीके से अगर मामले की जांच की जाए तो आंकड़ों में दर्ज वितरित अनाज और लोगों को प्राप्त अनाज में जमीन आसमान का फर्क पाया जा सकता है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब लोगों को शासन की तरफ से मुफ्त अनाज वितरण किया जाता है। हर महीने के दूसरे सप्ताह से अनाज का वितरण शुरू हो जाता है और इसके लिए महीने की शुरुआत में ही शासकीय दुकानों में राशन पहुंचा दिया जाता है। लेकिन शासकीय दुकानदारों का कहना है कि अभी तक उन्हें राशन प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में किस तरह वे लोगों को अनाज वितरित कर पाएंगे?

पूरे मामले में जिले के खाद्य निरीक्षक आर एस जाटव जी का कहना है कि लोगों को अनाज वितरण में किसी भी तरह की समस्या नहीं आएगी। शासन से आवंटन जारी हो चुका है और जल्द से जल्द वह राशन की दुकानों तक पहुंच जाएगा। जबकि हकीकत यह है कि सितंबर माह का अनाज अगस्त माह में ही लुटाया जा चुका है। देखना होगा कि प्रशासन किस तरह से सितंबर माह के लिए अनाज का प्रबंध करता है?

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