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श्रमिकों को नौकरियां देने में प्रशासन हो रहा असफल, कई जनपदों में 50 से ज्यादा फीसदी श्रमिक बेरोजगार

केंद्र द्वारा महात्मा गांधी रोजगार गारंटी एक्ट (मनरेगा) के तहत गरीब पंजीकृत श्रमिकों को साल में 100 दिन रोजगार देने की योजना शुरू की गई थी। लेकिन शहडोल जिले में यह योजना पूरी तरह से विफल होती नजर आ रही है। जिले में मनरेगा के तहत कुल 253485 श्रमिक पंजीकृत हैैं। इस वर्ष के आंकड़ों की बात करें तो जिले में मनरेगा के तहत अब

तक कुल 54 फीसदी श्रमिकों को ही रोजगार मिल पाया है। इसमें भी बहुत ही कम परिवार ऐसे हैं जिनको साल में 100 दिन रोजगार मिला हो।

मनरेगा के तहत पंजीकृत जॉब कार्डधारी श्रमिकों को रोजगार देना प्रशासन के लिए अनिवार्य है। लेकिन इस वर्ष अब तक जिले के 116650 पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल सका है।

जिले की सभी जनपदों का हाल लगभग एक सा है। ब्योहारी में जहां 43% जयसिंह नगर में 51% बुढार में 54% सुहागपुर में 57% श्रमिकों को रोजगार मिला है वहीं गोहपारू जनपद में भी 60% श्रमिक रोजगार पा सके हैं।

बेरोजगारी के इतने बड़े आंकड़े प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गए हैं। यही कारण है कि 5 सितंबर से 30 सितंबर तक जिले में रोजगार अभियान की शुरुआत की जा रही है। अभियान का लक्ष्य होगा कि जिले के वंचित श्रमिकों को रोजगार दिलाया जा सके। जिले के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मेहताब सिंह ने इस संबंध में जिले की सभी जनपद पंचायतों को पत्र भी लिखा है

5 सितंबर से शुरू हो रहे इस कार्यक्रम को “हर हाथ को रोजगार” के नाम से शुरू किया जा रहा है। जनपद के कार्यक्रम अधिकारी इस अभियान की अध्यक्षता करेंगे। साथ ही कार्यक्रम के तहत हर दिन श्रमिकों की निगरानी की जाएगी और उनका डाटा इकट्ठा किया जाएगा। जिला स्तरीय परियोजना अधिकारी ,लेखा अधिकारी व सीनियर डाटा मैनेजर की टीम को यह काम सौंपा गया है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत या जनपद स्तर पर अधिकारियों की तरफ से कोताही बरती गई तो उनके विरुद्ध कड़े कदम उठाए जाएंगे।

जिले के लगभग आधे श्रमिक बेरोजगार फिर रहे हैं। साल के जब 8 माह बीत चुके हैं, तब प्रशासन को इन बेरोजगार श्रमिकों की याद आई है। 8 महीने इन श्रमिकों ने अपने परिवारों को किस तरह पाला होगा, कहां से दाना-पानी का इंतजाम किया होगा, इन बातों से प्रशासन को कोई मतलब नहीं है। देखना होगा इस अभियान के तहत प्रशासन कितने लोगों को रोजगार दे पाता है।

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