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बांधवगढ़ पार्क में वन विभाग की लापरवाही का सिलसिला जारी, अब सामने आया चीतल के शिकार का मामला

6 ही दिन पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बाघिन के शिकार का मामला सामने आया था। इस वारदात को अभी हफ्ते भर भी नहीं हुए हैं और फिर से यहां एक चीतल के शिकार किए जाने की घटना सामने आ गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर और चंदिया बफर जोन की सीमा पर एक व्यक्ति चीतल के मांस के साथ पकड़ा गया है। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि आरोपी का नाम अंजनी यादव है। वह पाली गांव का रहने वाला है।

स्थानीय मुखबिरों से मिली सूचना पर वन अधिकारियों ने चीतल का शिकार करके भागते हुए अंजनी को धर दबोचा। वन अधिकारी ने बताया कि आरोपी वन्यजीवों को मारकर उनके मांस का अवैध व्यापार करता था। खबर मिलते ही क्षेत्र के रेंजर वीएस श्रीवास्तव, बीटगार्ड छत्रसाल त्रिपाठी और परिक्षेत्र सहायक सहित अन्य अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को चीतल के मांस के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।

आरोपी के पास से चीतल का चमड़ा, कटे हुए पैर व अन्य चीजें पाई गई हैं। इन्हें वन अधिकारियों ने जब्त कर लिया है। वन अधिनियम के कानूनों के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा दायर कर लिया गया है। साथ ही आरोपी का साथ देने वाले एक अन्य व्यक्ति की तलाश जारी है।

यहां सवाल अब भी वही उठता है कि आए दिन बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से शिकार के मामले सामने आ रहे हैं। प्रबंधन वन्यजीवों को सुरक्षा देने में लगातार असफल होता दिख रहा है। प्रशासन की लापरवाही की कीमत वन्य जीव अपनी जान गंवा कर चुका रहे हैं। परिस्थिति में तुरंत बदलाव की जरूरत है। वन्य जीव सुरक्षा के लिए सख्त प्रावधानों के साथ ही वन्यजीवों के लिए अच्छी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए।

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