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नहीं दिख रहा राजस्व सेवा अभियान का कोई असर, लंबित मामलों के निपटारे में नहीं आई तेजी, अब अधिकारियों को होंगे नोटिस जारी

दो दिन पहले ही शहडोल संभाग के आयुक्त राजीव शर्मा द्वारा राजस्व सेवा अभियान की एक समीक्षा बैठक की गई थी। इस बैठक में कलेक्टर, अपर कलेक्टर व तहसीलदारों सहित अन्य अधिकारियों को जिले में लंबित शिकायतों और मामलों के निपटारे के आदेश दिए गए थे। इस अभियान के तहत अधिकारियों को 15 सितंबर तक की समय सीमा दी गई थी। 15 सितंबर तक उन्हें अपने विभाग में लंबित मामलों का निपटारा करना था। लेकिन आयुक्त के सख्त निर्देश के बाद भी विभागों के काम में करने के तरीके में कोई तेजी नहीं आई।

संभाग में हजारों की संख्या में राजस्व मामले लंबे समय से लटके हुए हैं। संभाग के तीनों जिलों में कुल 2483299 खसरों का पंजीयन है। इसमें से अब तक केवल 672021 खसरे ही तहसीलदारों द्वारा अनुमोदित किए गए हैं।

राजस्व मामलों की बात करें तो संभाग में केवल नामांतरण के ही 2200 से ज्यादा मामले लंबित हैं। सीमांकन की शिकायतों का भी यही हाल है। संभाग में सीमांकन के कुल 5764 मामले लंबित हैं। अविवादित बंटबारों के भी 1768 मामले लटके हुए हैं। पूरे संभाग में काम की रफ्तार देखें तो खसरा परिमार्जन में केवल 21% ही काम हो सका है। वही उमरिया जिले में भी सिर्फ 5% मामले ही निपटाए गए हैं।

इतनी भारी संख्या में राजस्व मामलों का लंबित होना यह बताता है कि प्रशासन कितनी लापरवाही से लोगों की समस्याओं पर ध्यान दे रहा है। यही कारण है कि संभागायुक्त ने पहले अधिकारी वर्ग को नोटिस जारी कर काम को पूरा करने के निर्देश दिए थे। लेकिन विभागों की ऐसी सुस्त रफ्तार को देखकर आयुक्त द्वारा सख्त फैसले लेने का निर्णय ले लिया गया है।

संभागायुक्त ने तीनों जिलों के कई एसडीएम, तहसीलदारों को नोटिस जारी कर दिया है। संभागायुक्त ने कहा है कि 15 सितंबर को विभिन्न विभागों के निरीक्षण पर निकलेंगे और यदि तब तक विभागों द्वारा लंबित शिकायतों का निपटारा नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही करते हुए उनके वेतन काट लिए जाएंगे। या उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है।

15 सितंबर के बाद संभागायुक्त विभिन्न ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे और खुद लोगों से बात कर उनकी परेशानियों को सुनेंगे। संभाग आयुक्त राजीव शर्मा का कहना है कि अधिकारियों के ऐसे सुस्त रवैया से वे खुश नहीं हैं। पिछले दिनों हुई राजस्व सेवा अभियान की समीक्षा बैठक में भी संतोषजनक परिणाम नहीं निकल सका। इसलिए अब राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। संभागायुक्त का यह बयान केवल कागजी ही ना रह जाए, बल्कि जमीन पर भी उसका असर दिखना चाहिए।

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