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राजस्व कार्यालयों में नहीं आते पटवारी व पंचायत सचिव, संभाग आयुक्त के निर्देश का भी नहीं हुआ असर

बीते दिनों शहडोल संभाग के संभाग आयुक्त राजीव शर्मा ने राजस्व सेवा अभियान की समीक्षा बैठक की थी। राजस्व कार्यालय में महीनों से लटके केस और शिकायतों को निपटाने और हल करने के निर्देश आयुक्त द्वारा दिए गए थे। साथ ही पटवारी, तहसीलदार, पंचायत सचिव व अन्य अधिकारियों को समय पर कार्यालय पहुंचने और जल्द से जल्द काम निपटाने के आदेश भी दिए गए थे।

लेकिन आयुक्त के निर्देश के बाद भी पटवारियों व सचिवों पर कोई असर नहीं हो रहा है। अभी राजस्व कार्यालयों से सचिव, पटवारी व अन्य अधिकारी वर्ग छुट्टी मारते हुए देखे जा सकते हैं। वे न तो समय पर कार्यालय पहुंचते हैं और न ही नियत दिवस पर।

राजस्व मामले और उनसे जुड़ी शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लोग आफिसों के चक्कर काट काट के परेशान हो चुके हैं। लेकिन इन अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। जब तक इन अधिकारियों की जेब गर्म ना किए जाएं तब तक इनके हाथ पैर काम नहीं करते। राजस्व कार्यालय में लगातार हो रही अनियमितता और लापरवाही से लोगों की परेशानियां दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए लोगों में गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है।

प्रशासन के ऐसे रवैए पर भाजपा विधि प्रकोष्ठ के संभाग प्रभारी चंद्रेश द्विवेदी ने खासी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन का ध्यान इस बात की ओर खींचा कि पटवारी और पंचायत सचिव कार्यालयों में समय पर नहीं पहुंच रहे हैं।

चंद्रेश द्विवेदी ने प्रशासन को इस विषय पर जल्द से जल्द कार्यवाही करने के लिए अनुरोध किया है। चंद्रेश द्विवेदी ने यह भी कहा है कि राजस्व कार्यालयों में और भी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ताकि लोगों को उनकी समस्या का हल स्थानीय स्तर पर ही मिल जाए।

अभी ग्रामीण लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला राजस्व कार्यालय या जिला न्यायालय तक जाना पड़ता है। वही न्यायालयों में भी केस को तारीखों पर टाल दिया जाता है। आम आदमी का सारा पैसा केस निपटाने में और जिला मुख्यालय की दौड़ भाग में ही खर्च हो जाता है। इसलिए ब्लॉक और विकासखंड स्तर पर ही राजस्व मामलों को निपटाने का उचित प्रबंध किया जाना चाहिए।

चंद्रेश द्विवेदी के साथ स्थानीय लोगों का भी भारी समर्थन देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि अगर प्रशासन का यही रवैया रहा तो उन्हें आंदोलन या प्रदर्शन जैसे कदम भी उठाने पड़ सकते हैं।

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