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पड़ोसी जिले अनूपपुर में कोरोना के बढ़ रहे केस, शहडोल प्रशासन अब भी कर रहा लापरवाही, लोगों भी कर रहे नियमों की अनदेखी

लंबे समय बाद पड़ोसी जिला अनूपपुर में 5 सितंबर को करोना के दो केस सामने आए थे और तब से लेकर अब तक अनूपपुर में कोरोना के केस में बढ़ोतरी देखी जा रही है। लेकिन शहडोल प्रशासन अब भी स्थिति की अनदेखी कर रहा है।

न ही प्रशासन द्वारा अनूपपुर और शहडोल जिले की सीमा पर कोरोना गाइडलाइन का पालन हो रहा है ना ही प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व अन्य सार्वजनिक जगहों से पहले ही सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर व सिक्योरिटी जैसी सुविधाएं बंद कर दी गई है।

हालांकि प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े दावे जरूर किए जा रहे हैं। लेकिन जमीन पर उसकी कोई सच्चाई नहीं दिख रही है। प्रशासन का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए आंगनवाड़ी से लेकर पंचायत स्तर तक हर वर्ग को अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही जिले में बाहर से आने वाले लोगों की भी निगरानी और सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं।

लेकिन हकीकत तो यह है कि प्रशासन कोरोना नियमों का अनुपालन करवाने में असफल होता दिख रहा है। जहां तहां लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। लोग न तो मास्क का प्रयोग कर रहे हैं न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। मैदानों, बाजारों, स्टेडियम, सड़कों हर जगह लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। जो हर प्रकार से करोना गाइडलाइन के नियमों की धज्जियां उड़ा रही है।

ऐसे ही लापरवाही का नतीजा हमें कोरोना की दूसरी लहर में भी देखने को मिला था। प्रशासन के आंकड़ों की मानें तो करोना की दूसरी लहर में केवल 70 लोगों की जान गई थी जबकि हकीकत यह है कि दूसरी लहर में जिले के लगभग 1000 लोग की मौत हुई थी।

इसके अलावा टीकाकरण में भी प्रशासन द्वारा कोई खास तेजी नहीं दिखाई जा रही है। लोगों में अभी भी टीकाकरण को लेकर अफवाहें और भ्रांतियां हैं। जरूरत है कि प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान और प्रोत्साहन कार्यक्रम द्वारा लोगों को टीकाकरण के लिए उत्साहित किया जाए।

लेकिन ऐसा कुछ भी होता नहीं दिख रहा है स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि तीसरी लहर से निपटने के लिए सारे इंतजाम कर लिए गए हैं। जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरके मेहरा की माने तो हर रोज 900 से ज्यादा सैंपल लिए जा रहे हैं और टेस्टिंग की जा रही है। वेंटिलेटर संचालन के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक को नियुक्त कर दिया गया है।

इसके साथ ही 3 महीने में बनकर ऑक्सीजन प्लांट भी तैयार हो चुका है और उसकी टेस्टिंग भी की जा चुकी है। अस्पताल में एक साथ 140 से अधिक मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की क्षमता विकसित कर ली गई है। और जिले में दो वेंटिलेटर सपोर्ट एंबुलेंस को भी तैनात कर दिया गया है।

जिले में टीकाकरण के आंकड़ों को देखें तो अभी तक कुल 405615 लोगों को ही वैक्सीन मिल पाई है। इसमें भी टीके की दूसरी डोज की बात करें तो अभी तक केवल 54565 लोगों को ही दूसरी डोज मिल सकी है। प्रशासन को स्वास्थ सुविधाओं में और इंतजाम करने की आवश्यकता है।

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