Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

चिकित्सक के स्थानांतरण को रोकने के लिए पंचायत और ग्रामीणों ने की स्वस्थ्या केंद्र से अपील

शहडोल जिले के सिंहपुर सीएचसी अंतर्गत के बेम्हौरी पीएचसी पद पर स्थित डॉ. मोहम्मद आशिक का स्थानांतरण रोकने के लिए बेम्हौरी सरपंच नत्थू बैगा और सभी ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएस सागर के नाम एक पत्र , कल बीएमओ राजेश मिश्रा को दिया था जिसमें कहा गया था कि शहडोल सीएमएचओ का पद डॉ सागर के संभालते ही जिले के साथ साथ बेम्हौरी की व्यवस्था में लगातार सुधार आ रहा है|

डॉ. मोहम्मद आशिक ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी की देख रेख में बेम्हौरी पीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था को बहुत मज़बूत कर दिया हैै, बीते दिनों डॉ मोहम्मद आशिक के स्थानांतरण की खबर फैलने के बाद बेम्हौरी सहित आसपास के करीब एक दर्जन से ज्यादा गांवों के ग्रामीण दुखी व चिंतित है, क्यों कि बेम्हौरी पीएचसी से यहां आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोग स्वास्थय लाभ लेते है।

डॉ सागर और डॉ आशिक के आने के बाद बेम्हौरी पीएचसी में ब्लड सुगर, ब्लडप्रेशर, मलेरिया, टाइफाइड, एचआईवी, सिफिलिस, कोविड-19, यूरिया, केटिलिन,विलिरोविन, यूरिन, एचबी, जे6 पीडी, यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट,सिकलिन टेस्ट आदि् कहे गए टेस्ट में से एकाध जांच को छेड़कर सभी जांच सुविधा जो पहले नहीं थी वो अब शुरूहुई है, और ग्रामीण लगातार इसका लाभ ले रहे है।

उक्त मांग करते हुए बेम्हौरी सरपंच ने कहा कि डॉ आशिक की पदस्थापना बेम्हौरी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में ही की जाए जिससे बेम्हौरी क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था इसी तरह अच्छे से चलती रहे और लोगों को किसी भी तरह की कोई परेशानी न होए | बेम्हौरी के आसपास कुछ ऐसे गांवों भी है जहां आजतक पक्के रास्ते न होने से चार पहिया वाहन नहीं पहुंच पाते है ऐसे में वहां के आदिवासी ग्रामीण, खटिया या टोली में मरीज को लेकर बेम्हौरी तक आते है यदि उन्हें बेम्हौरी में स्वास्थय सुविधा न मिले तो उनका मरीज बुढ़ार या धनपुरी पहुंचते पहुंचते ही मरजाएगा, तो ऐसे में ग्रामीणों को बड़ी समस्या हो सकती है।

बेम्हौरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टर आशिक के स्थानांतरण की खबर सुनने के बाद से स्वास्थ्य विभाग के प्रति निराशा जाग रही है। जानकारों की मानें तो यदि जल्द से जल्द स्वास्थ्य विभाग ने डॉ आशिक की नियमित पदस्थापना बेम्हौरी में नहीं की तो कहीं ऐसा न हो कि जनता की निराशाआक्रोश मे बदल जाए? और वो किसी तरह के आंदोलन या धरने पर उतारू न हो जाये | मुख्य चिकित्सा या स्वयं नवागत कलेक्टर को इस मामले को समझते हुए जनहित में यह निर्णय करना चहिए जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था सही तरह से चलती रहे और क्षेत्र वासी भी संतुष्ट रहे|

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

साझा करें

ताजा खबरें

सब्सक्राइब कर, हमे बेहतर पत्रकारिता करने में सहयोग करें