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सड़कें खस्ता हाल में, जनता बेहाल में

बरसात का सीजन आते ही सड़कों की दुर्दशा का सही पता चलता है। पूर्व में जितने भी मुख्य मार्गों के पेंच भरे गए थे उन सबके धुर्रें धुरें उड़ते हुए नज़र आ रहे हैं। रख रखाव भी उखड़ चुका है। और यह कोई एक सड़क की बात नही है बल्कि, गांधी चौक से स्टेशन पहुंचमार्ग की मॉडल रोड, सीसी सड़कें सबकी हालत खराब है।

सड़कों की स्थिति इतनी जर्जर है की वाहनों के गुजरने पर गिट्टटयां उचटती है। कोई सड़क की हालत एक दूसरे से जुदा नही है। जो पेंचवर्क का कार्य बारिश के पूर्व किया गया था वो महज 2 माह भी नही टिक पाया।

खलेसर बैरियर एनएच -43 से गांधी चौक तथा दूसरा हिस्सा जय स्तंभ स्टेशन रोड को जोड़ने वाले दो अहम मार्ग लोक निर्माण विभाग के जिम्मे है। इसकी लंबाई डेढ़ किलोमीटर से अधिक है। इसका निमार्ण वर्ष 2015 -16 में हुआ था, जिसमें लाखों की लागत से सड़क डिवाइडर, नाली व स्ट्रीट लाइट से इसका सौंदर्यकरण हुआ था।

इसका काम स्थानीय ठेकेदार को सौंपा गया था। शासन द्वारा यह मंशा जताई गई कि इस पुल का निमार्ण इस प्रकार हो की पूरा उमरिया बड़े शहरों की तर्ज पर पहचान बना सके लेकिन हुआ इसके बिलकुल विपरीत।

त्योहारों का समय है जिस कारण लोगों की भीड़ इन रास्तों पर बढ़ जाती है। सुधार कार्य न होने की वजह से सड़कें पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की सर्वाधिक यातायात वाली सड़क खलेसर बैरियर चंदन बाग, खलेसर हरिजन बस्ती, उमरार पुल गांधी चौक समीप दीनदयाल बाजार तथा गांधी चौक, यहां बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं।

स्थानीय लोगों, का कहना है की निमार्ण कार्य न होने से यह स्थिति हर साल बढ़ती चली जा रही है। मुख्य मार्गों में प्रकाश की कमी राहगीरों को न हो इस कारण अत्याधुनिक एलईडी स्ट्रीट लाइट पोल लगवाए गए हैं जिनकी मात्रा भी अच्छी खासी है लेकीन हर वर्ष बरसात आते ही इनका काम करना बंद पड़ जाता है।

और कुछ जगहें तो ऐसी हैं की दिन के समय भी बिजली प्रकाशित होती रहती है। जैसे सिविल लाइन व सगरा मार्ग। इन जर्जर हो चुकी सड़कों से राहगीरों व स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बड़े-बड़े गड्ढों में तबदील हो चुकी यह सड़कें वाहनों की दुर्दशा तो कर ही रही हैं, साथ ही लोग इस कारण दुर्घटनाओं का भी शिकार बन रहे हैं। इसमें संजीव श्रीवास्तव उमरिया के कलेक्टर का कहना है की सड़कों का सुधार कार्य समय समय पर करवाया गया है। बारिश में इन समस्याओं का उभरना लाजमी है क्योंकि बारिश के समय यह कार्य नही होते। विभाग को इस बारे में निर्देश देकर जल्द ही इन को बना दिया जाएगा।

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