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गहनों की चोरी के शक में आये नौकर ने की आत्महत्या की कोशिश, गुस्साए परिजनों ने किया धरना-प्रदर्शन

अनूपपुर कोतमा में पदस्थ एसडीएम ऋषि सिंघई के घर से 14 सितंबर को सोने के जेवर जिनकी कीमत लगभग 5 लाख रूपए थे उनके गायब होने की खबर सामने आयी थी। इस मामले की शिकायत एसडीएम ऋषि सिंघई ने थाने में दर्ज़ की थी। एसडीएम ने अपने आवेदन में घर पर काम करने वाले एकमात्र नौकर पर संदेह व्यक्त किया।

नौकर से लगातार पूछताछ के बाद परेशान होकर उसने 19 सितंबर को आत्महत्या करने की कोशिश की, जिसके बाद गुस्साए परिजनों और पड़ोसियों ने थाने को घेर कर एसडीएम के खिलाफ मामला पंजीकृत कराने की मांग की।

इस घटना का मामला जब शुरू हुआ जब एसडीएम ऋषि सिंघई ने 15 सितंबर को कोतमा थाने में लिखित सूचना दी थी | उनका कहना है की उनकी पत्नी 10 सितम्बर को मंदिर से लौट कर वापिस आ रही थी, जिसके बाद उन्होंने अपने दोनों सोने के हार अलमारी में रख दिए थे| फिर जब 13 सितम्बर को दोबारा मंदिर जाते हुए उन्होंने वो हार निकलने के लिए अपनी अलमारी खोली तब उन्हें वे हार वहाँ से गायब मिले |

उनका कहना है की उन्होंने गहनों को घर में हर जगह तलाशा किन्तु उन्हें कही भी वो गहने नहीं मिले| जिसके बाद उनका शक घर के एकलौते नौकर पूरन उर्फ़ सनी केवट की तरफ गया |

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने नौकर पूरन उर्फ़ सनी केवट से लगातार 2-3 दिनों तक थाने में बुलाकर पूछ-ताछ की गयी| जिसमे सनी ने खुदको निर्दोष बताया |उसके बाद 19 सितम्बर को पुलिस ने शहडोल में रह रही सनी केवट की बहन के घर जाकर भी तलाशी ली जहाँ पर भी कुछ नहीं मिला जिसकी जानकारी सनी केवट की बहन ने उन्हें फ़ोन करके दी |

लगातार पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ और रिश्तेदारों के घर तलाशी की बात सुनकर 19 सितंबर को सनी केवट ने अपने घर में आत्महत्या करने कि कोशिश की, जिसे समय रहते उसके परिवार वालो ने देख लिया और उसे बचा लिया।

इस घटना के बाद लहसुई कैंप के लोगों के साथ सनी के परिवार वाले थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि सनी केवट को जबरदस्ती चोरी के मामले को लेकर परेशान न किया जाये, साथ ही एसडीएम ऋषि सिंघई के खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाए।

एसडीओपी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने परिजनों एवं लोगों को समझाते हुए कहा कि जब तक एसडीएम ऋषि सिंघई के द्वारा मामला पंजीकृत नहीं करवाया जाता है तब तक वह किसी को परेशान नहीं करे| साथ ही उन्होंने परिजनों को शांतिपूर्वक समझाया तब जाकर सनी के परिवार वालों का गुस्सा शांत हुआ और वह धरने से उठ गए |

उम्मीद है की पुलिस इस मामले की निष्पक्ष रूप से कार्यवाही करेगी और सच्चाई का पता चलेगा |

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