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तालाब के ओवरफ्लो होने से सड़क पर भर जाता है पानी, कई शिकायतों के बाद भी अब तक नहीं हुआ नहर और पुलिया का निर्माण

जनपद पंचायत कोतमा के पिपरिया में तालाब के ओवरफ्लो होने के कारण यहाँ के लोगों को रोज़ाना बहुत मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है| पिपरिया में तालाब के पानी के ओवरफ्लो होने के बाद बगैहा से बरगवां जाने वाले रास्ते के रपटा पर पुल पर डेढ़ मीटर तक पानी भर जाता है।

जिसके कारण लोगो का वाहन चलाना बेहद कठिन हो जाता है। जल संसाधन विभाग द्वारा पिपरिया से सकोला एवं पिपरिया से धूम्मा तक दो नहर का निर्माण कार्य करवाया गया पर अधूरी नहर की वजह से बरगवां गांव के लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

वही बारिश के मौसम में लोगो की सबसे ज़्यादा दुर्गति होती है। बारिश में बरगवां गांव के लोगों को कोतमा नगर आने के लिए 15 से 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। रपटे पर पल बनाने के लिए गांव वालो ने कई बार शिकायत भी की लेकिन अब गटक कुछ नहीं हो सका।

जनपद पंचायत कोतमा में साल 2017 में पिपरिया तालाब का निर्माण कार्य लगभग 26 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत किया गया था। जिसमें 10 करोड़ रुपए भूमि-अर्जन के लिए मुआवजा की राशि थी। बाकि बचे 16 करोड़ रुपए से निर्माण कार्य कराया जाना था, जिसमें 7-7 किलोमीटर की दो नहर का निर्माण कार्य भी कराया जाना था।

साल 2019 में पानी भरने के कारण तालाब क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण आस-पास के खेतों में पानी भी भर गया, इस पर जांच भी हुई और तीन अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया गया था लेकिन वर्तमान में निलंबित उपयंत्री जो वर्तमान में बहाल हो गए हैं उन्हें दोबारा पिपरिया तालाब को बनाने का काम देखने के लिए उसी जगह पदस्थ कर दिया गया है। 5 साल बीतने को हैं लेकिन अभी तक तालाब का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

बीते एक हफ्ते से हो रही बारिश में पिपरिया तालाब से पानी ओवरफ्लो हो रहा है जिसकी वजह से सड़क का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है और बरगवां गांव के लोगों का संपर्क दूसरे गांव से कट गया है। बरगवां गांव के लोगों की मांग है कि सड़क का निर्माण कार्य कराया जाए जिससे स्कूली बच्चों के विद्यालय तक आने का रास्ता ठीक हो सके।

क्योंकि सड़क पर पानी भरने के कारण से न तो बच्चे स्कूल जा पा रहे है, और न ही लोग अपने काम के लिए बाहर निकल पा रहे है जिससे बेरोज़गारी भी बढ़ रही है।

इस मामले जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री जेडी माझी का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए उनके द्वारा प्रस्ताव भेजा गया है।वहीं उपयत्रियों की कमी के कारण भी प्रभार दिया गया है।

तालाब के पानी के ओवरफ्लो होने के कारण यहाँ की लोगो को बेरोज़गारी जैसी कई मुश्किलों का सामना तो करना पड़ ही रहा है, साथ ही इन लोगों की जान को भी हर वक़्त खतरा बना रहता है। आशा है की जल संसाधन विभाग इस परेशानी का हल जल्द से जल्द निकलेगी और यहाँ के लोगो की परेशानियाँ कम होंगी।

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