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सनी केवट के परिवार व कोतमा पार्षद अंकित सोनी ने कि वोकल न्यूज़ शहडोल से बातचीत, सनी केवट पर लगाया गया था चोरी का आरोप

14 सितंबर को कोतमा के एसडीएम ऋषि सिंघई के यहां चोरी हुई थी। एसडीएम ने चोरी का इल्जाम घर पर काम करने वाले नौकर सनी केवट पर लगाया। पिछले 4 दिनों में पुलिस द्वारा घंटों तक सनी केवट से पूछताछ की जाती रही और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर किया जाता रहा।

यहां तक कि पुलिस द्वारा शहडोल में उसकी बहन के ससुराल के घर भी पुलिस आ धमकी और बगैर किसी वारंट के जांच पड़ताल शुरू कर दी। पूरे घर की तलाशी के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा।

इतनी मानसिक प्रताड़ना और बेइज्जती को सनी केवट ना झेल सका और आखिरकार 19 सितंबर को सनी केवट ने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया। मौके पर सनी की मां के द्वारा सड़क से गुजर रहे कोतमा पार्षद अंकित सोनी और अन्य लोगों को आवाज लगाई गई और सनी केवट को बचा लिया गया।

वोकल न्यूज़ शहडोल से हुई बात में कोतमा पार्षद अंकित सोनी ने कहा कि पुलिस ने एसडीएम के दबाव में कार्यवाही की है और बिना वजह सनी केवट को मानसिक प्रताड़ना दी है । पार्षद अंकित सोनी व अन्य लोगों द्वारा इस संबंध में पुलिस के खिलाफ एक धरना भी दिया गया।

वोकल न्यूज़ शहडोल से हुई बात में सनी की मां ने कहा है कि पुलिस विभाग को बिना बुनियाद सनी की बहन के घर की तलाशी लेने और उन्हें परेशान करने के लिए माफी मांगनी चाहिए और एसडीएम ऋषि सिंघई पर भी कार्यवाही होनी चाहिए। धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस ने भी सनी केवट को बेवजह परेशान ना करने का भरोसा दिया है।

इस तरह की घटनाएं बताती है कि किस तरह अधिकारी वर्ग पुलिस का इस्तेमाल करके आम जनता को परेशान करते हैं और बेइज्जत करते हैं। प्रशासन और पुलिस का यह रवैया शर्मनाक है। जल्द से जल्द मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए।

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