Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

छह महीने बाद शुरू हुआ जनसुनवाई कार्यक्रम, महीनों से पेंशन भुगतान के लिए चक्कर काट रही थी महिला

कोरोना लॉकडाउन के बाद जिले में जनसुनवाई प्रक्रिया बंद कर दी गई थी जो 21 सितंबर को फिर से शुरू की गई है। लेकिन न तो जन सुनवाई शुरू करने के बारे में कोई प्रचार प्रसार किया गया न लोगों को जानकारी दी गई थी। यही कारण है कि 21 सितंबर को जन सुनवाई के पहले दिन केवल 14 लोगों अपनी शिकायतें लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंचे।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि अब से हर मंगलवार को प्रातः 11 बजे से 1 बजे तक जनसुनवाई कार्यक्रम किया जाएगा और लोगों की शिकायतें सुनी जाएगी। कलेक्टर ऑफिस में शुरू हुई इस जनसुनवाई में जिला पंचायत के सीईओ मिलिंद नागदेवे व जैतहरी के एसडीएम विजय डेहरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जनसुनवाई में लेटलतीफी और अधिकारियों का टालने वाला रवैया एक बार फिर सामने आया है। कोतमा की रहने वाली रामरति शर्मा ने बताया कि वह 30 अप्रैल 2021 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा से प्यून के पद से सेवानिवृत्त हुई थी, लेकिन 6 महीनों बाद भी उसके पेंशन भुगतान की प्रक्रिया नहीं शुरू की गई।

पिछले 6 महीनों से वे कई बार आफिसों का चक्कर काट चुकी हैं लेकिन हर बार उन्हें एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस घुमाया जा रहा है।

महिला की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह रोज-रोज ऑफिस आने जाने का खर्चा निकाल सके। सेवानिवृत्त हो जाने के बाद से उसकी आमदनी का भी कोई साधन नहीं। कल जब लंबे समय बाद जनसुनवाई कार्यक्रम शुरू हुआ तब जिला कोषालय अधिकारी को पेंशन भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। इस पहली जनसुनवाई में अलग अलग क्षेत्र के लोग अलग-अलग समस्याएं लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंचे और अपनी शिकायतें दर्ज करवाईं ।

लंबे समय से जनसुनवाई प्रक्रिया बंद होने से लोगों को किस तरह परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है उसका साफ उदाहरण रामरति शर्मा का ये मामला है। इनकी तरह ऐसे सैकड़ों लोग हैं जो अपनी शिकायतों के निपटारे के लिए महीनों भटकते रहते हैं लेकिन अधिकारियों द्वारा उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।

प्रशासन को चाहिए कि जनसुनवाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बंद नहीं किया जाना चाहिए और सप्ताह में 1 दिन हो रही जन सुनवाई प्रक्रिया को बढ़ाकर सप्ताह में तीन से चार दिन करना चाहिए ताकि लोगों को समस्याओं के निराकरण के लिए परेशान ना होना पड़े।

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

साझा करें

ताजा खबरें

सब्सक्राइब कर, हमे बेहतर पत्रकारिता करने में सहयोग करें