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महीनों से लटकी है पीएम आवास के हितग्राहियों की फाइल्स, न जाने कब शुरू होगा भवन का निर्माण

धानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है इसके तहत केंद्र सरकार ने साल 2022 तक यानी देश की आजादी के 75 साल पूरे होने तक सभी को आवास मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है।

किन्तु जिन अधिकारी, कर्मचारियों को इस योजना से देश के गरीब और बेसहारा लोगों की मदद और ज़िम्मेदारी का काम सौंपा गया था, उनकी लापरवाही के कारण लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

मामला शहडोल जिले का है, जहाँ पर इन कर्मचारियों को लाभार्थियों को इस योजना के तहत सर पर छत प्रदान करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी, उनकी लापरवाही के कारण अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है।

मई के महीने से लगभग 1332 हितग्राहियों की पीएम आवास की फाइल्स एसडीएम कार्यालय में अटकी हुई है और सभी हितग्राही अपनी-अपनी बारी का इंतज़ार कई महीनों से कर रहे हैं।

पता चला है की कई हितग्राहियों के घर डोर लेवल तक तो कई घर सिर्फ प्लेंथ लेवल तक ही बनकर रह गए है। हालात ऐसे है की छठवें डीपीआर के 1332 हितग्राहियों को अभी तक स्वीकृत सूची का इंतज़ार है।

एसडीएम कार्यालय में लटकी इन फाइल्स की स्वीकृति के बाद ही इन हितग्राहियों को पीएम आवास योजना की पहली किस्त मिलेगी। कई महीने बीत चुके है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है।

नगर के पहले और दूसरे डीपीआर के हितग्राही पहली किस्त जारी होने के बाद पिछले दो सालों से दूसरी किस्त जारी होने का इंतज़ार कर रहे हैं किन्तु अब तक कुछ नहीं हो सका।

वहीँ तीसरे और चौथे डीपीआर के लगभग 488 हितग्राहियों को अभी भी दूसरी क़िस्त जारी न होने की वजह से खुले आसमान के नीचे सड़क पर सोने को विवश है। इनमे से कुछ हितग्राहियों को दूसरी क़िस्त जारी की जा चुकी है, लेकिन तीसरे चरण के 288 हितग्राही अभी भी पहली किस्त का इंतज़ार कर रहे है।

पीएम आवास योजना का मुख्य लक्ष्य इन गरीब और बेसहारा लोगों को सर पर एक छत देने का था, लेकिन कई लापरवाह व ढीले अधिकारियो की वजह से ये सपना अब तक पूरा न हो सका है, कई हितग्राहियों की पहली किस्त ही अब तक जारी नहीं हो सकी है और कई हितग्राहियों की तो जांच भी पूरी न हो सकी।

जब पहले और दूसरे डीपीआर के लगभग दोसौ हितग्राहियों के घर अभी तक पूरी तरह से नहीं बन पाए है तो सोचने वाली बात है कि पांचवें और छठवें डीपीआर के हितग्राहियों को अभी स्वीकृत सूची का ही कितना इंतज़ार करना पड़ेगा और कब इनकी पहली किस्त जारी की जायगी।

सरकार को ही अब इन अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है वरना इस पीएम आवास योजना का क्या ही उदेश्य रह जायगा।

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