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स्कूल तो है पर न इमारत न शिक्षक, पूजा पंडाल में बैठकर पढ़ने को मजबूर बच्चे

शिक्षा एक मूलभूत आवश्यकता है और समाज की नैतिक जिम्मेदारी भी है। लेकिन शिक्षा के नाम पर प्रशासन द्वारा किस तरह मजाक किया जा रहा है इसका अच्छा उदाहरण कोतमा के बनिया टोला का यह मामला है।

प्रशासन द्वारा 20 सितंबर से प्राथमिक स्कूल खोलने का फैसला तो कर दिया गया लेकिन स्कूलों और शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

कोतमा के वार्ड क्रमांक 7 बनिया टोला में प्राथमिक स्कूल के नाम पर न तो इमारत है न शिक्षकों की नियुक्ति न ही शिक्षा के इंतजाम हैं। बच्चों को कहीं पेड़ के नीचे, कहीं मैदान में तो कहीं पंडाल पर बिठाकर पढ़ाया जा रहा है।

2014 में नगर पालिका द्वारा बनिया टोला में स्कूल खोलने का आदेश पारित हुआ, स्कूल खोला भी गया । पहले ये स्कूल किराए के भवन में चलाया जा रहा था फिर वहां से शिफ्ट करके 2019 मई से सामुदायिक भवन में शुरू कर दिया गया। 2020 में उस सामुदायिक भवन में शासकीय राशन की दुकान खोल दी गई है और बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हो रहे हैं।

बनिया टोला के प्राथमिक स्कूल में पहली से पांचवी कक्षा तक कुल 30 छात्र छात्राएं हैं और शिक्षकों के 2 पद स्वीकृत हैं लेकिन फिलहाल एक ही शिक्षा नियुक्त हो सका है। यानी पूरा प्राथमिक स्कूल एक शिक्षक के दम पर ही चलाया जा रहा है।

2014 में पारित हुआ स्कूल का आदेश अब तक पूरा नहीं हो पाया है। 2 साल पहले स्कूल के इमारत बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ लेकिन अभी तक इमारत निर्माण के लिए प्रशासन जगह नहीं खोज पाई।

2 दिन पहले ही अधिकारियों द्वारा यह सूचना दी गई कि स्कूल के भवन के लिए जगह और बजट तय हो चुका है और 6 महीने में स्कूल भवन का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।

कोतमा के जनपद शिक्षा केंद्र के समन्वयक संतोष कुमार मिश्रा ने भी मामले से पल्ला झाड़ते हुए यह कह दिया कि उनकी नियुक्ति हाल ही में हुई है और वह इस विषय में अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं, जल्द ही स्कूल का निर्माण कराया जाएगा।

अफसोस की बात है कि आज भी देश के कई इलाके ऐसे हैं जहां शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकता की भी यह स्थिति है कि न तो स्कूल का नामोनिशान है न शिक्षकों का इंतजाम। प्रशासन द्वारा बच्चों के भविष्य को बर्बाद किया जा रहा है।

उम्मीद है इस मामले पर कार्यवाही करते हुए यहां जल्द से जल्द स्कूल निर्माण हो सकेगा और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी।

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