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ओपीएम के कॉस्टिक सोडा यूनिट द्वारा कॉलेज में आयोजित किया गया प्लेसमेंट ड्राइव

शहडोल जिले में स्थित पंडित एसएन शुक्ला विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल की देख-रेख में 21 सितम्बर को ओपीएम के कॉस्टिक सोडा यूनिट द्वारा एक प्लेसमेंट ड्राइव कराया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर प्रो. मुकेश तिवारी और रजिस्ट्रार डॉ. विनय सिंह के निर्देशन में कराया गया।

क्या होता है कॉस्टिक सोडा?

कास्टिक सोडा या सोडियम हाईड्राऑक्साइड सबसे शक्तिशाली क्षार माना जाता है जिसे दाहक सोडा के नाम से भी जाना जाता है। इसका रासायनिक नाम एनएओएच रखा गया है।

कास्टिक सोडा का इस्तेमाल साबुन एवं सर्फ बनाने, पीने के पानी की सफाई हेतु, नालियों की सफाई के लिए, और कागज जैसी चीज़ें बनाने के लिए किया जाता है। यह सफ़ेद रंग के पाउडर की तरह होता है एवं बहुत ज्यादा ज्वलनशील होता है।

इसलिए इसका सीधे पाउडर के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह आसानी से पानी में, मिथेनॉल में घुल जाता है और हवा के सम्पर्क में आने से बहने लगता है।

क्वालिटी एवं एन्वायरमेंट हेड और एचआर हेड के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया कार्यक्रम

यह कार्यक्रम ओपीएम कॉस्टिक सोडा यूनिट के क्वालिटी एवं एन्वायरमेंट हेड राघवेंद्र मिश्रा व एचआर हेड अरविंद शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

रसायनज्ञ के पद के लिए आयोजित इस ड्राइव में केमिस्ट्री की पढाई कर चुके विद्यार्थियों ने भागीदारी ली। विश्वविद्यालय में सिलेक्शन प्रक्रिया के पहले राउण्ड में ओपीएम के अधिकारियों ने छात्रों की लिखित परीक्षा एवं मौखिक परीक्षा कर स्क्रूटनी की।

इसके बाद अंतिम प्लांट के लिए चुने गए विद्यार्थियों का इंटरव्यू राउण्ड किया जाएगा। इस आयोजन में प्रो. अमित निगम, संयोजक प्लेसमेंट सेल प्रो. एमके भटनागर, प्रो. मनीषा तिवारी, प्रो. गीता सराफ एवं सौजन्य श्रीवास्तव मौजूद रहें।

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