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बेटी व दामाद के रिश्तेदारों से परेशान हुई तलाकशुदा महिला की जिला कलेक्टर ने की मदद

शहडोल जिला कलेक्टर वंदना वैद्य ने आज कल्याणपुर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वृद्धजनों के रहने, खाने व दवाईयां इत्यादि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने बाथरूम एवं परिसर की साफ-सफाई के संबंध में भी वहां रह रहे वृद्धजनों से जानकारी ली।

कलेक्टर ने वृद्धजनों के स्वास्थ्य से सम्बंधित जांच एवं दवाईयों के बारे में भी पूछतांछ की। वहां मौजूद सिविल सर्जन डॉ. जीएस परिहार, डॉ. मुकुंद चतुर्वेदी ने बताया कि वृद्धाश्रम में हफ्ते में एक बार सभी वृद्धजनों की क्लीनिकल जांच की जाती है तथा मुफ्त दवाईयां भी उपलब्ध कराई जाती है।

यहां पहुंचने पर कलेक्टर से एक महिला जिसका तलाक हो चुका है, उसने खुद के लिए वृद्धाश्रम में रहने की व्यवस्था कराने के लिए निवेदन की। महिला का नाम नीता शर्मा है और वह पुलिस लाइन की निवासी है। महिला का कहना है कि उसके पति, बिलासपुर निवासी राजेंद्र शर्मा से तलाक हो जाने के बाद वह एक आंगनवाड़ी में काम करती थी।

उसकी दो बेटियां भी है जिनकी शादी हो चुकी है। उसकी छोटी बेटी के पति शीतल तिवारी ने उसका रहने का इंतज़ाम पुलिस लाइन में करा दिया था परन्तु वहां पर उसके दामाद के रिश्तेदारों ने उसका वहां रहना मुश्किल कर दिया। वे रोज़ उससे छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करते है और बात बात पे उसे वहां से चले जाने के लिए ताने भी मारते है।

पीड़ित महिला की उम्र 55 साल हो चुकी है और इन झगड़ों से वह पूरी तरह टूट चुकी है। उसका कहना है कि अब उसके शरीर में बहुत काम ताकत रह गई है और इन रोज़ाना के झगड़ों से उसका शरीर मानसिक व शारीरिक तौर से कमज़ोर हो चूका है। उसकी तबियत अब बहुत ख़राब रहने लगी है। इस कारण से वो पुलिस लाइन में नहीं रहना चाहती।

इस महिला की ये समस्या सुनते ही जिला कलेक्टर वंदना वैद्य ने तुरंत महिला के वृद्धाश्रम में रहने की व्यवस्था की। साथ ही उन्होंने कई डॉक्टर्स को महिला के स्वास्थय की जांच के लिए वृद्धाश्रम भेजा और महिला के इलाज के लिए सभी दवाइयों को भी वृद्धाश्रम में भिजवाने के लिए डॉक्टर्स को आदेश दिए।

इसमें कोई शक नहीं कि जिला कलेक्टर अपने कर्तव्य को बखूबी निभा रही है। वाक़ई में जिला कलेक्टर द्वारा किये जा रहे इन कार्यों कि जितनी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम है।

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