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बिना बताए किया जा रहा है श्रम कर्मियों का बीमा, वेतन से जबरदस्ती काटी जा रही बीमा किस्त

एसईसीएल सुहागपुर में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मचारियों को बीमा एजेंटों द्वारा परेशान किया जा रहा है। श्रमिकों ने बताया कि बीमा एजेंटों द्वारा बिना उनकी अनुमति के उनके नाम से बीमा कर दिया जाता है। यहां तक कि बीमा हो जाने की जानकारी भी श्रमिकों को नहीं दी जाती। वेतन से जब बीमा की किस्त कट जाती है तब लोगों को पता चलता है कि उनका बीमा किया गया है।

भारी संख्या में बीमा किस्त की कटौती से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बीमा हो जाने के बाद हर तीसरे महीने श्रमिकों के बैंक खातों से एक निश्चित मात्रा में बीमा की किस्त काट ली जाती हैं।

इसी तरह का एक फर्जी बीमा घिरौल गांव के रहने वाले गयाराम कोरी के साथ किया गया था। गयाराम का कहना है कि वह एक कॉलरी से रिटायर कर्मचारी है। वर्ष 2011 से 13 के बीच एक बीमा एजेंट चंद्रभान सोनी के द्वारा बगैर उनकी अनुमति के बीमा कर दिया गया।गयाराम के धोखे से या जाली हस्ताक्षर करके उनका नाम बीमा के तहत दर्ज करा दिया गया। इस कारण हर माह उनके बैंक खाते से 1739 रुपए की किस्त कटने लगी।

इस संबंध में पीड़ित ने शहडोल जोन के पुलिस महानिदेशक को शिकायत लिखी और न्याय की मांग की है। इस पर कार्यवाही करते हुए बीमा कंपनी ने भी चंद्रभान सोनी नामक एजेंट को टर्मिनेट कर दिया है। लेकिन अभी भी पीड़ित गयाराम के खाते से बीमा किस्त के रूप में काटे गए पैसे का भुगतान नहीं हो पाया है।

अक्सर बीमा कंपनियों द्वारा इस तरह फर्जी बीमा करके गरीब जनता को परेशान किया जाता है। वेतन से किस्त कट जाने के कारण लोगों को उधार लेकर अपना घर चलाना पड़ता है और न्याय के लिए पुलिस व कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस तरह के फर्जी बीमा एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।

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