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महीनों से बंद पड़े हैं शहर के दो दर्जन से भी ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, नगरपालिका कर रही अनदेखी

अनूपपुर के कोतमा में जनभागीदारी और नगर पालिका के सहयोग से 2017 में, शहर में 36 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। लोगों से एकत्र की गई राशि और नगरपालिका के फंड से शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, चौराहों, बाजार आदि में यह कैमरे लगाए गए थे।

लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते इनमें से अधिकांश कैमरे बिगड़ चुके हैं और बंद हो चुके हैं। 36 कैमरों में से लगभग 30 कैमरे बंद हैं केवल 6 कैमरे ही चालू स्थिति में हैं। सीसीटीवी कैमरा न होने की वजह से अपराधियों को पकड़ने, मॉनिटरिंग करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में काफी परेशानी होती है।

सीसीटीवी कैमरा की अनुपस्थिति में अपराधी भी बेखौफ अपराध करते हैं, इतना ही नहीं यह सीसीटीवी कैमरे कई अपराधों और चोरियों के खुलासे करने में भी मददगार साबित हुए हैं। वर्ष 2018 में शासकीय विद्यालय के सामने हुई छात्रा की हत्या का खुलासा भी इन कैमरों के कारण हो सका था। परिवहन को सुचारू रूप से बनाए रखने और भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी में यह कैमरे अहम भूमिका निभाते हैं।

कुछ ही दिनों बाद नवरात्र व अन्य त्यौहारों का सीजन शुरू हो जाएगा। ऐसे में शहर में भीड़ बढ़ेगी और चोरी, जेब काटना जैसे अपराध भी बढ़ेंगे। इस स्थिति को देखते हुए सीसीटीवी कैमरों की भूमिका और भी बढ़ जाती है। 2017 में जनभागीदारी से लगभग चार लाख रुपए इकट्ठे किए गए थे और इन कैमरों को लगाया गया था। लेकिन 4 साल में ही इनमें से अनेक कैमरे बंद हो गए।

बंद पड़े कैमरा को देखते हुए लोगों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यह कैमरे अपराध रोकने में सहायक होते हैं इसलिए जल्द से जल्द इन कैमरों को सुधारा जाना चाहिए या नए कैमरे लगाए जाने चाहिए। कोतमा नगर पालिका के सीएमओ विकास चंद्र मिश्रा ने भी लोगों की शिकायतों पर गौर करते हुए जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे सुधरवाने और उनका मेंटेनेंस करने का निर्णय लिया है।

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