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मेडिकल संचालक द्वारा लगाए गए गलत इंजेक्शन से मजदूर की मौत, न्याय के लिए भटकती मृतक की पत्नी

अब तक तो जिले में केवल झोलाछाप डॉक्टरों के ही कारनामे सामने आते थे लेकिन अब इस लिस्ट में मेडिकल संचालक भी शामिल हो गए हैं। बीते दिनों शहडोल के गोहपारू विकासखंड में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मेडिकल स्टोर के संचालक ने रुपयों के लालच में आकर खुद ही एक मरीज को भर्ती कर लिया और इलाज करने लगा। इलाज के दौरान उसने व्यक्ति को एक गलत इंजेक्शन लगा दिया जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

गोहपारू जनपद के लपरी गांव की रहने वाली गंगोत्री पनिका ने बताया कि पति सेवाराम की तबीयत खराब हो जाने के बाद वह खन्नोरी के मेडिकल स्टोर संचालक गजेंद्र चतुर्वेदी के पास गई। ये मेडिकल संचालक अवैध तरीके से मरीजों का इलाज किया करते हैं। 24 सितंबर को मेडिकल संचालक ने सेवाराम को भी अपने क्लीनिक में भर्ती कर लिया और इलाज करते हुए उसे एक गलत इंजेक्शन लगा दिया। सेवाराम की हालत बिगड़ती गई और कुछ देर बाद उसी परिसर में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई है और कार्यवाही की मांग की है।

शहडोल जिले में इस तरह के मामले कोई नए नहीं हैं। झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा अक्सर मरीजों का गलत इलाज करने के केस सामने आते रहते हैं और स्वास्थ्य विभाग अपनी छापेमारी में इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही करता रहता है लेकिन अब इन डॉक्टरों के साथ-साथ मेडिकल संचालक भी बगैर किसी लाइसेंस और नियम के लोगों का इलाज कर रहे हैं और लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

मेडिकल स्टोर संचालक गजेंद्र पर लोगों ने आरोप लगाया है कि किसी भी प्रकार की बीमारी हो, उल्टी, दस्त, खांसी, बुखार या कुछ और बीमारी, ये मेडिकल संचालक इलाज करने को तैयार हो जाते हैं। ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों की हालत इतनी बेकार है कि लोगों को जबरन इस तरह के फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज कराने के लिए जाना पड़ता है।

प्रशासन को जानकारी होते हुए भी इस तरह के अवैध डॉक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है। गोहपारू जनपद में बैठे बीएमओ से लेकर अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों तक भी इस तरह के झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायतें पहुंची है लेकिन सब आंख मूंद कर बैठे हैं।

इस मामले में भी गोहपारू थाना प्रभारी दयाशंकर पांडे का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कार्यवाही की जाएगी। गंगोत्री पनिका, जिसने अपना पति खोया है वह न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है लेकिन उसकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है। प्रशासन द्वारा इस मामले की जल्द से जल्द जांच की जानी चाहिए और उपयुक्त कार्यवाही होनी चाहिए।

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