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शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण, घंटो तक बिना बिजली के जीने को मजबूर क्षेत्रवासी

आय-दिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई घंटों तक लाइट न आने की खबरें सामने आती रहती है। जिस कारण ग्रामीण वासियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण वासी न चैन से सो सकते है और न ही कोई काम कर सकते है। बुढ़ार नगर में सरईकापा लाइन के बंद होने के कारण क्षेत्र वासियों को भी इन्हीं परेशानियों से रोज़ाना झूंझना पड़ रहा है। सिर्फ यही नहीं, क्षेत्र के दर्ज़नो गांव में बिजली की समस्या अब आम बात हो चुकी है। दिन में सिर्फ 10 या 15 घंटे ही बिजली आती है और कभी-कभी पूरे दिन लोगों को बिजली के बिना ही अपना गुज़ारा करना पड़ता है।

लोगों को भारी गर्मी व बारिश के कारण हो रही उमस से परेशान होना पड़ रहा है, और लाइट न आने की वजह से बच्चे भी अपनी पढ़ाई ठीक से नहीं कर पा रहे है। इस मामले पर कई बार क्षेत्र वासियों द्वारा बिजली विभाग में शिकायत दर्ज़ की गई है, किंतु कभी भी इस समस्या का समाधान नहीं किया जाता है।

धनपुरी सब-स्टेशन से जुडी 11 केवी की लाइन 5 किलोमीटर लंबी है जिससे सुधारने में ही 4 से 6 घंटों का समय लग जाता है। पर ग्रामीणों का कहना है कि इस लाइन को सिर्फ अस्थायी रूप से ही सही किया जाता है, जिससे यह लाइन फिर ख़राब हो जाती है।

क्षेत्र के लोगों ने कई बार इस बारे में विद्युत विभाग से शिकायत करने की कोशिश भी की, लेकिन उनका कहना है कि विभाग के कर्मचारी उनका फोन नहीं उठाते और कभी फोन उठा भी ले, तो कोई संतोषजनक समाधान बताने की बजाये बात को टाल देते है।

बिजली की अव्यवस्था के कारण क्षेत्र के व्यवसायी को भी भारी नुक्सान झेलना पड़ रहा है। और जिस क्षेत्र में बिजली जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था ही नहीं होगी, तो उस क्षेत्र की आमदनी कैसे बढ़ेगी और वहां के लोग अपना गुज़ारा कैसे कर सकेंगे। बिजली विभाग की लापरवाही के कारण क्षेत्र में बिजली की मरम्मत का कार्य सिर्फ नाम के लिए ही किया जा रहा है, और न जाने कब तक यह कार्य ठीक तरह से पूरा किया जायगा, कोई नहीं जनता।

लोगों द्वारा जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था को बेहतर करने की मांग कई बार की जा चुकी है। अब प्रशासन को इस विषय में कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही प्रशासन को क्षेत्र के विद्युत विभाग द्वारा की गई लापरवाही पर भी सख्त कार्यवाही करने की ज़रूरत है।

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