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ग्रामीणों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रम

स्वामित्व योजना केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही है। इस योजना का लक्ष्य देश के गांवों में लोगों को उनकी आवासीय जमीन का मालिकाना हक देना है। केंद्र सरकार का दावा है कि यह योजना ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद मदद करेगी। इसके लिए आबादी वाले गावों को चिन्हित किया जा चुका है और अधिकारियों के अनुसार ड्रोन की मदद से चिन्हित गावों का सर्वे कर उनकी मैपिंग होगी ।

सोर्सेज के अनुसार जिले में 176 गांव के ग्रामीणों की जमीन का नक्शा तैयार है। इसके बाद वहां के 2653 लोगों को उनकी संपत्ति के मालिकाना हक के कागज दिए जाएंगे। इस योजना का मकसद शहरों की तरह गांव के लोग को भी अपनी संपत्ति पर बैंकों से लोन लेने का हक दिलाना है। और इस हक को दिलाने के लिए जिले में आज इस योजना के तहत एक कार्यक्रम भी आयोजित किया जायगा।

भूमि दस्तावेज़ विभाग छह नवंबर के प्रतीकात्मक रूप से कुछ ग्रामीणों को भूमि दस्तावेज़ बांटेगा। उसके बाद तहसीलदार, पटवारी, राजस्व निरीक्षक आदि गांवों में ग्रामीणों को भूमि दस्तावेज़ देकर उनको जमीन का मालिकाना हक देंगे।

इसके पूर्व बुढ़ार तहसील के 14 गांवों के 22 ग्रामीणों को भूमि दस्तावेज़ बांटे जा चुके है। अब 7 गांवों के 136 ग्रामीणों को भूमि दस्तावेज़ बांटे जाएगे जिसकी तैयारी हो चुकी है।

वहीँ जिले में अब तक सबसे ज़्यादा ब्यौहारी के लोगों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक। ब्यौहारी में 46 गांवों के 833 लोगों को उनकी जमीन का मालिकाना हक मिलेगा। इसके लिए जमीन की मैपिंग भी की जा चुकी है। फिर इसके बाद जैतपुर के लोगों को भी आबादी भूमि पर जमीन का मालिकाना हक मिलेगा। इसमें 67 गांवों के 819 लोगों को उनके जमीन का मालिकाना हक मिलेगा।

सरकार द्वारा शुरू की गई यह स्वामित्व योजना एक बेहद ही प्रशंसाजनक कदम है। जिससे कई गांव वासियों को उनकी ज़मीन का मालिकाना हक मिलेगा और इसके बाद गावों में लड़ाई-झगड़े भी काम हो जायंगे।

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