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बेम्हौरी के स्वास्थ्य केंद्र में हुई चोरी के सवाल पर जवाब देने से बचते नजर आए डॉ रंजीत सिंह

सिंहपुर के बेम्हौरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लगातार एक के बाद एक ऐसी खबरें सामने आ रही है जिससे स्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान और गहराते जा रहे हैं। बीते सोमवार की रात चोर अस्पताल से एक प्रिंटर सेट, चार नग बैटरी, एक इनवर्टर, दो नग स्पीकर (बूफर) चुरा कर ले गए, जिसमें करीब एक लाख से ज्यादा कीमत के सामान चोरी हो गया।

ग्रामीणों ने कई बार पंचायत और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की थी कि बेम्हौरी स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एक-एक चौकीदार नियुक्त करे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। अस्पताल में लाखों रुपए का सामान सिर्फ एक कमजोर ताले के सहारे पड़ा हैं, जिनपर अक्सर चोरों की नज़र रहती है।

बेम्हौरी अस्पताल में हुई इस चोरी के बाद यहां नियुक्त नियमित चिकित्सक डॉ रंजीत सिंह से जब पूछा गया तो उन्होंने ने घटना का दोषारोपण दूसरे अधिकारियों पर डाल दिया और यह कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया कि वे बेम्होरी की जगह मझगवां में कार्यरत हैं। बता दें कि बेम्हौरी में लगभग 4 साल से डॉ रंजीत सिंह आधिकारिक रूप से पदस्थ हैं लेकिन आज तक ग्रामीणों ने उन्हें गिनती के दो चार बार ही देखा है। यहां तक कि चोरी की घटना के बाद एफआईआर तक नहीं लिखाई गई।

वोकल न्यूज़ शहडोल ने जब डॉक्टर रंजीत सिंह से बात की तो उन्होंने घटना के विषय में जानकारी ना होने की बात कही, बाद में घटना का जिम्मा दूसरे अधिकारियों पर डाल दिया और यह कहा कि वह फिलहाल दूसरे स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत हैं। इसके अलावा भी डॉक्टर रंजीत से अस्पताल से आ रही लगातार गड़बड़ी की खबरों के बारे में पूछा गया तब भी उन्होंने कोई जवाब देने से इनकार कर दिया।

बेम्हौरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिससे स्वास्थ्य विभाग सवालों के घेरे में है। पहले खाट पर लेटा कर महिला को अस्पताल पहुंचाने का मामला, उसके बाद गलत इंजेक्शन लगा देने से व्यक्ति की मृत्यु का मामला, फिर अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मामला और अब यह चोरी की घटना लगातार अस्पताल प्रबंधन पर प्रश्न कर रही है और जिम्मेदार लोगों से उत्तर मांग रही है।

इस संबंध में वोकल न्यूज़ शहडोल ने सिंहपुर के बीएमओ डॉ राजेश मिश्रा से भी बात की। उन्होंने भी जानकारी ना होने और दूसरे अधिकारियों से पूछने के लिए कहकर पल्ला झाड़ लिया।

डॉक्टर और विभाग के अधिकारी इसी तरह जिम्मेदारियों को एक दूसरे पर डाल रहे हैं और ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत की जा रही है लेकिन प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। मजबूरन ग्रामीणों ने कार्यवाही ना करने पर प्रदर्शन और आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

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