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मालवाहनों द्वारा रोड के किनारे गिराया जा रहा है कोयला, इसके बाद भी नहीं हो रही कोयले के वजन में कमी

धनपुरी के एसईसीएल सोहागपुर एरिया की अनेक खदानों से माल वाहनों द्वारा कोयला लोड कर बायपास मार्ग से बुढार के रेलवे साइडिंग के लिए ले जाया जाता है। लेकिन रात में इन वाहनों द्वारा सड़क किनारे वाहन खड़ा करके बहुत सारा कोयला गिरा दिया जाता है और सड़क किनारे गिरे हुए इस कोयले को स्थानीय लोग बोरा में भर भरकर ले जाते हैं और कालाबाजारी करते हैं।

इस बायपास सड़क पर प्रतिदिन इतना कोयला गिराया जाता है कि 3 किलोमीटर तक की जमीन पूरी तरह से काली हो गई है। खदानों से कोयले का वजन करके ट्रकों में लोड किया जाता है इसके बाद फिर से रेलवे साइडिंग में कोयले का वजन किया जाता है।

लेकिन सवाल अभी भी यही बना हुआ है कि जब वाहनों द्वारा सड़क किनारे भारी मात्रा में कोयला गिराया जा रहा है तब रेलवे साइडिंग पर वजन करने पर कोयले की मात्रा में कमी क्यों नहीं आती है। नापतोल करने वाला विभाग किस तरह यह सुनिश्चित करता है कि वह बराबर मात्रा में है। आखिरकार कोयला सड़क किनारे कौन गिरा रहा है, कैसे गिराया जा रहा है?

क्या जानबूझकर गिराया जा रहा है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। इतना जरूर है कि सड़क किनारे गिरे इस कोयले को कोयला तस्कर उठाकर ले जाते हैं और ईट भट्ठा या ईंधन की जरूरत वाले लोगों को ऊंचे दामों में बेच देते हैं।

ट्रांसपोर्ट में ही गड़बड़ी हो ऐसा नहीं है बल्कि और भी तरह के नियमों की अनदेखी हो रही है। नियम के मुताबिक वाहन में कोयले को लोड करने के बाद उसे तिरपाल से ढक कर ले जाने का प्रावधान है। ताकि कोयला न गिरे और उसकी बर्बादी न हो लेकिन ट्रकों में तिरपाल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इतना ही नहीं बल्कि ट्रक जहां भी खड़े हो जाते हैं वहां पर कई बार ऐसा देखने में आया है कि लोग वाहन में चढ़कर कोयला चोरी करने लग जाते हैं। इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। कोयला तस्करी और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं लेकिन विभाग इस पर चुप्पी साधे बैठा है।

न तो बायपास मार्ग में पेट्रोलिंग की जाती है, न ही चोरी को रोकने के इंतजाम। यहां तक कि रेलवे साइडिंग पहुंचने पर भी कोयले का वजन नहीं किया जा रहा है। सुहागपुर एरिया के खदानों में औद्योगिक सुरक्षा बल की तैनाती की गई है लेकिन इसके बावजूद भी कोयला डीजल और कबाड़ चोरी की घटनाएं रुक नहीं रही हैैं। स्थानीय लोगों और श्रमिकों ने कई बार एरिया प्रबंधन से इनकी शिकायत की है लेकिन पदाधिकारियों द्वारा बहाने करके मामले को टाल दिया जाता है और अवैध गतिविधियां चलती रहती हैं। विभागों को जल्द से जल्द इन स्थितियों में सुधार करना चाहिए।

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