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अनूपपुर में पिछले 3 सालों में सबसे अधिक फसल उत्पादन की संभावना, 13000 से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन

अनूपपुर जिले में इस बार अच्छी बारिश हुई है जिस कारण खरीफ की फसलों में भी अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है। उसे लेकर प्रशासन भी फसल खरीदी और मिलिंग कार्य की तैयारियों में जुट गया है। अभी भी किसानों की फसल खरीद के लिए पंजीयन कार्य जारी है।

वहीं प्रशासन द्वारा इस साल खरीफ विपणन की नई उपार्जन नीति के अनुसार महिला स्व सहायता समूह व कृषि उत्पादक कंपनी संगठनों को भी फसल उपार्जन का कार्य दिए जाने का निर्देश दिया गया है। विभाग इसके लिए भी तैयारियों में जुटा हुआ है।

प्रशासन का कहना है कि जिन इलाकों में फसल उपार्जन में समितियां अपात्र हो गई है वहां महिला स्वयं सहायता समूह की मदद से उपार्जन किया जाएगा। इस वर्ष पूरे जिले में 1.78 लाख हेक्टेयर खरीफ की फसल की बुवाई का लक्ष्य रखा गया था जिसमें धान के लिए 122 हजार हेक्टेयर लक्ष्य तय था।

कृषि उपसंचालक एनडी गुप्ता का कहना है कि इस वर्ष अच्छी बारिश होने के कारण 9 से 10 हजार मैट्रिक टन धान उपार्जन की संभावना है। यदि किसानों के पंजीयन की बात करें तो अभी तक लगभग 13045 किसानों ने फसल बिक्री के लिए अपना पंजीयन करा लिया है, जो 2019-20 में पंजीकृत 10636 किसानों से कहीं ज्यादा है।

फसल विपणन के लिए विभाग द्वारा जिले में 24 किसान पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं और इनमें से जैतहरी तहसील का ग्राम सिवनी का केंद्र महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है। जिले में 22 अक्टूबर तक फसल विपणन के लिए पंजीयन स्वीकृत किए जाएंगे। किसानों का पंजीयन व सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद फसल उपार्जन का कार्य शुरू किया जाएगा।

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