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सड़क हादसों में थोड़ी कमी, ब्लैक स्पॉट कर चिन्हित करने से हुआ फायदा

आए दिन सड़क हादसों के बारे में सुना जाता है इनके कई कारण होते हैं जैसे तेज रफ्तार, लोगों की लापरवाही और कच्ची सड़कें। इन सड़क हादसों को कम करने के लिए पुलिस द्वारा पूरे जिले में 13 एक्सीडेंटल पॉइंट मार्क किए गए हैं। इन्हे ब्लैक स्पॉट भी कहा जाता है। जिस समय से यह नियम बनाया गया उस समय से लगातार सड़क हादसों में कमी देखी जा रही है।

पुलिस द्वारा यह बताया गया कि यह 13 स्पॉट जो इनके द्वारा मार्क किए गए थे, उन जगहों पर 2018 में 57 हादसे हुए और इनमें से 40 लोगों की जान गई। जब इस ओर परिशोधन किया गया तो 2019 में इन स्पॉट पर पहले के मुताबिक हादसों की संख्या घट चुकी थी और 33 हो गई।

और यदि मौतों की बात करें तो इनकी संख्या घटकर 27 पर आ गई। 2020 में संख्या घटकर 23 पर आ गए और उसके साथ 15 वाहन चालकों की मौत देखी गई। यदि 2021 की बात करें तो सभी तेरा मार्क किए गए स्पॉट में अब तक सिर्फ आठ सड़क हादसे रिपोर्ट किए गए हैं। और मौत का आंकड़ा 5 पर है।

इन 13 स्पॉट्स में शहडोल पंडरिया मार्ग में पथखई घाट, शहडोल अनूपपुर मार्ग में जमुई बघेल ढाबा के पास, लालपुर हवाई पट्टी के पास, के साथ साथ और भी कई स्पॉट्स शामिल हैं। यह सड़क हादसों का विश्लेषण पहले केवल स्थानीय स्तर पर होता था लेकिन केंद्र सरकार द्वारा दिशा निर्देश देते हुए इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस के माध्यम से इसका विश्लेषण किया जा रहा है।

इसकी मदद से अब कहीं पर भी यदि सड़क हादसे होते हैं तो संबंधित थाने का स्टाफ उस लोकेशन पर पहुंचता है और उसकी जानकारी इसमें अपलोड कर देता है जिससेऑटोमेटिक इसका कैलकुलेशन हो जाता है और यह पता लगता है कि इस स्पॉट पर कितने एक्सीडेंट हो चुके हैं। उम्मीद यही होगी कि ऐसे कामों को और अधिक मात्रा में आगे बढ़ाया जाए जिससे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

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