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सोन नदी का पुल पंहुचा बदत्तर हालत को, चार दशक पहले निर्माण के बाद से अब तक नहीं की गयी मेंटनेंस

अनूपपुर जिले में सोननदी पुल के निर्माण के लिए प्रोपोज़ड प्लान इस साल भी प्रशासन के पास नहीं पहुंच पाया है, जिसके पीछे का कारण अधिकारियों की अनदेखी बताई जा रही है।

बताया जाता है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा 28 जनवरी 1969 में शहडोल जिला अंतर्गत अनूपपुर तहसील से गुज़र रही सोननदी के ऊपर पुल का निर्माण कराया गया था। लेकिन निर्माण के 43 साल बीत जाने के बाद आज तक पुल की मरम्मत के लिए प्रशासन द्वारा कोई कदम उठाया नहीं गया है। और अब इस पुल की हालत इतनी बेकार है कि हर वक्त इस पुल में आने जाने वाले वाहनों के हादसों का डर लोगों में बना रहता है।

75-80 मीटर लम्बे पुल के बेस में जगह-जगह सरिया उधड़कर दरारों में तब्दील हो गई है। वाहनों की ठोकर खाके रेलिंग की लोहे की पिलर एवं पाईप जगह-जगह से टूटकर धराशायी हो रहे हैं। पुल का बेस भी खराब हो गया है, साथ ही इस पुल के दोनों छोर पर मिट्टी के भराव कम होने से उसका कटाव भी शुरू हो गया है। हालांकि तकनीकि आंकड़ों में किसी भी पुल की एवरेज आयु 100 साल मानी जाती है। लेकिन सोननदी पुल के निर्माण के बाद से अब तक सम्बंधित विभाग द्वारा कभी मेंटनेंस नहीं किया गया है। खुद पुल निगम ने भी यही माना है कि अगर पुल की मेंटनेंस नहीं की गई तो जल्द ही यह पुल गिर जायगा।

अब एसडीएम पुल निगम शहडोल डीके मारकाम ने बताया कि पहले सोननदी के प्रस्ताव सम्बंधित विभाग को भेजे जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब इस समस्या पर फिर से अधिकारियों के साथ चर्चा कर आगे कार्यवाही की जायगी।

पर पुल की इस बदत्तर हालत को मद्देनज़र रखते हुए अब वक्त बातचीत करने का नहीं, इस समस्या पर एक्शन लेने का है। उम्मीद है कि जिला प्रशासन द्वारा जल्द ही पुल की मरम्मत की जाये, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने से बचा जा सके।

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