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शहडोल शहर में स्वच्छता के नाम पर हो रहा मजाक, जगह जगह नजर आते कचरे के ढेर

देश में लंबे समय से स्वच्छता अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। शहडोल नगर पालिका द्वारा भी स्वच्छता के विषय में समय-समय पर तरह तरह के कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर शहर में कहीं भी साफ सफाई नहीं दिख रही है। सड़कों के किनारे जहां-तहां कचरे के ढेर नजर आ जाते हैं। नालियों की हालत यह है कि ये कचरे से पट गई हैं और नाली का पानी सड़क पर फैलने लगा है। कचरे से फैलने वाली बदबू से लोग परेशान होते हैं तो दूसरी तरफ बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना रहता है।

अभी कुछ दिनों पहले ही शहडोल नगर पालिका द्वारा 80 लाख रुपए की लागत से 10 नए कचरा वाहन खरीदे गए थे और यह ऐलान किया गया था कि अब प्रतिदिन डोर टू डोर कचरा उठाव किया जाएगा। लेकिन इतनी भारी रकम खर्च करने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव होता नहीं दिख रहा, दूसरी ओर सफाई कर्मचारियों ने भी हड़ताल पर जाने का फैसला ले लिया है। उनका कहना है कि नगर पालिका और जिला प्रशासन लंबे समय से उनकी कुछ मांगों को लेकर ध्यान नहीं दे रहा है।

इन परिस्थितियों में शहडोल शहर की स्वच्छता व्यवस्था भगवान भरोसे ही चल रही है। शहर की मॉडल रोड हो या स्टेडियम रोड पर संग्रहालय के सामने का स्थान, मोहनराम तालाब हो या मैदान हर जगह गंदगी और कचरा देखने को मिल रहा है। आदिवासी हॉस्टल, घरौला मोहल्ला, विसर्जन कुंड सभी जगह गंदगी व्याप्त है। मोहनराम तालाब के परिसर में लगाए गए पौधे और जालियां तक चोरी हो चुकी हैं और पूरा तालाब मानो कीचड़ में तब्दील हो चुका है।

शहर की स्वच्छता पर जब मुख्य नगरपालिका अधिकारी अमित तिवारी से बात की जाती है तो वह कह देते हैं कि समय-समय पर अभियान चलाकर सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है और लापरवाहियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। लेकिन यह प्रयास कब किया जाएगा और शहर में स्वच्छता की स्थिति में कब तक बदलाव हो सकेगा यह सवाल अभी भी बना हुआ है।

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