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जिले में धीमी पड़ती टीका करण की रफ्तार, बढ़ रही है लापरवाही

शहडोल जिले में एक बार फिर से कोरोना के प्रति लापरवाही बरती जा रही है। लोग न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं न हीं मास्क और सेनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी 100% वैक्सीनेशन के दावे किए जा रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अभी भी शहडोल जिले में सभी लोगों को करोना की वैक्सीन की पहली डोज़ भी नहीं लगी है।

त्योहारों का सीज़न चल रहा है। दिवाली के बाद छठ पूजा,देवदीपावली, एकादश और शादी विवाह के मुहूर्त शुरू हो जायेंगे और लोग यात्राएं करने लगेंगे। इसको देखते हुए कोरोना के प्रति चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में भी तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। लेकिन प्रशासन इस पर भी लापरवाही कर रहा है।

आंकड़े बताते हैं कि जिले में 1,50,000 से भी ज्यादा लोगों की करोना वैक्सीन की दूसरी डोज की ड्यू डेट है लेकिन लोगों द्वारा वैक्सीनेशन नहीं लिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास भी फिलहाल 1,27,000 कोरोना टीके की डोज है।

अक्टूबर माह की ही बात करें तो इस महीने में 27,000 लोगों को टीके की पहली डोज और 71,000 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज़ लगाई गई थी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में अब तक 7,23,228 लोगों को कोरोना की पहली डोज और 3,37,283 लोगों को कोरोना की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है।

कुछ दिनों पहले तक प्रशासन द्वारा वैक्सीनेशन को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे थे। लेकिन इन अभियान की धीमी पड़ती रफ्तार और त्योहारों का मौसम खतरनाक साबित हो सकता है। प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। वैक्सीनेशन अभियान को प्रशासन द्वारा तेज किया जाना चाहिए। लोगों को भी अपने स्तर पर सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का प्रयोग और कोरोना की बाकी गाइडलाइंस का सतर्कता से पालन करना चाहिए।

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