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अमलाई पुलिस ने पकड़ा कोल माफियाओं का एक संगठन, 3 साइकिल और 4 टन कोयला किया जप्त

धनपुरी के अमलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बटुरा में सालों से कोल माफियाओं द्वारा कोयले का अवैध उत्खनन और परिवहन करवाया जाता था। जिसके बाद इन पर पुलिस अधीक्षक की फटकार के बाद थाना के अधिकारियों द्वारा कार्यवाही की जाती थी, पर फिर बाद में आरोपी, पुलिस प्रभारी और अधिकारियों से सांठगांठ कर मुक़दमे के बाद निकल जाते थे और इनका ये कोयले का अवैध उत्खनन का धंधा भी वापिस शरू हो जाता था।

लेकिन जब पुलिस प्रशासन की यह लापरवाही सबके चर्चों का विषय बनने लगी, और समस्त पुलिस विभाग पर कई सवाल खड़े होने लगे, तब जाकर पुलिस विभाग के रवैये में सुधार देखने को मिला। भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का सस्पेंशन और कई अधिकारियों के स्थानांतरण होने के बाद ही धनपुरी में पुलिस विभाग अब जाकर मज़बूत हुआ है।

पिछले साल 26 जनवरी के दिन अवैध कोयला खदान में काम कर रहे मजदूर की पत्थरों में दब जाने से हुई मौत की खबर पर पुलिस विभाग द्वारा मुकदमा दायर कर कोल माफियाओं को गिरफ्तार कर लिया गया था, किंतु कुछ समय बाद जब ये मामला थोड़ा ठंडा हुआ, तब फिर से इन कोल माफियाओं का धंधा शुरू हो गया।

पर इस बार कोल माफिया का एक संगठन अमलाई थाने में पदस्थ थाना प्रभारी मोहम्मद समीर से नहीं बच सका। एक जानकर जासूस की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी मोहम्मद समीर ने पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार गोस्वामी के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी पूरी टीम के साथ कोयले का अवैध उत्खनन और परिवहन करने वाले आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। दरअसल पुलिस को यह सूचना मिली थी कि लाल सिंह अपने ढ़ाबे के पीछे वाले प्लाट में कोयला स्टॉक कर अवैध रूप से उसे आगे बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस वहां मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर इसमें शामिल पुरुषोत्तम वासुदेव को पकड़ा लिया। पुलिस को देख कर दो व्यक्ति फरार हो गए। मौके पर पुलिस द्वारा तीन साइकिल और चार टन अवैध कोयला जप्त किया गया।

आरोपी पुरुषोत्तम वासुदेव से घटना के संबंध में पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अपने साथी तुलसी वासुदेव और रमेश वासुदेव के साथ मिलकर बटुरा सोन नदी के पास से अवैध रूप से कोयले का अवैध उत्खनन कर बोरे में भरकर बटुरा लाल सिंह को प्रति बोरी 200 रुपयों के हिसाब से बेचते हैं और कोयले का काम ये लोग लाल सिंह के कहने पर ही करते हैं। इस घेराबंदी के दौरान तुलसी वासुदेव और रमेश वासुदेव भाग गए, किंतु पुलिस ने इनको और लाल सिंह को जल्द ही पकड़ने का आवश्वासन दिया है। और इन सभी पर खनिज अधिनियम के तहत कार्यवाही कर कड़ा मुकदमा चलाया जायगा।

थाना प्रभारी मोहम्मद समीर समेत पुलिस विभाग की समस्त टीम द्वारा ही कोल माफिया के संगठन को पकड़ा गया है, और पुलिस विभाग की पूरी टीम द्वारा यह कार्य बिना किसी भ्रष्टाचार के संभव हो सका है।

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