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आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा है कुपोषण के विरुद्ध अभियान

आज भी देश के कई इलाके ऐसे हैं जहाँ पर कुपोषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। कुपोषण के कारण ही बच्चों में गंभीर बीमारियां जन्म लेती है। करोना लॉकडाउन के तहत कुपोषण की समस्या और भी बढ़ गई है। बढ़ती हुई महंगाई और मंदी के चलते कई लोग अपने रोजगार गंवा चुके हैं। कई लोग ऐसे हैं जिन्हें दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो पाता।

ऐसे कुपोषित बच्चों को पोषण देने के लिए आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए उन्हें उचित पौष्टिक आहार दिए जाते हैं और जो बच्चे गंभीर रूप से कुपोषण से ग्रसित हैं उन्हें एनआरसी कैंप में भेजा जाता है ताकि उनकी पोषण संबंधी सही जांच हो सके और उन्हें सामान्य श्रेणी में लाया जा सके।

इसी कार्यक्रम के तहत उमरिया जिले के करकेली के नदीटोला आंगनबाड़ी केंद्र में महिला एवं बाल विकास संचालक एवं अन्य अधिकारियों द्वारा दौरा किया गया और नदीटोला के गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भेजने के लिए अभिभावकों को निर्देश दिए गए।

ग्रामीण इलाकों में जागरूकता ना होने की वजह से अभिभावक अपने बच्चों को एनआरसी कैंप में भेजने से कतराते हैं इसलिए इस तरह के अभियानों द्वारा अभिभावकों को समझाइश दी जाती है और बच्चो को एनआरसी कैंप में भेजने की सलाह दी जाती है।

इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र में साफ सफाई व्यवस्था, करोना गाइडलाइंस, कुपोषण व अन्य कार्यों का जायजा लिया गया और समीक्षा की गयी। आंगनबाड़ी केंद्र में जो कमियां देखी गई थी, अधिकारियों ने उस पर नोटिस लिया है और जल्द से जल्द उनमें सुधार के लिए संबंधित पदाधिकारियों से शिकायत करने और समस्या का निराकरण करने के लिए भी निर्देश दिए हैं।

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