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प्रदेश भर में शुरू फसल उपार्जन कार्यक्रम, किंतु पहले दिन ही नहीं हुई खरीदी की बोहनी

जैसे कि कल यानि 29 नवंबर से खरीफ सीजन की फसलों का उपार्जन कार्य प्रदेश के जिलों में शुरू हो गया है, किंतु पहले दिन किसी भी उपार्जन केंद्र में कोई किसान नहीं पंहुचा, किसी भी केंद्र में खरीदी की बोहनी नहीं हुई।

जैसा कि वोकल न्यूज़ शहडोल में पहले भी बताया गया था कि उपार्जन केंद्रों में नोडल एजेंसियों के अधिकारियों द्वारा आधी-अधूरी तैयारियों के बीच ही ये धान उपार्जन का कार्य शुरू किया गया था। जिसमें कई केंद्रों में न तो किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं थी, और सिर्फ एक टेंट लगाकर उसे उपार्जन का केंद्र घोषित कर दिया गया था। हालांकि, सभी केंद्र कल खुले रहे, किंतु एक भी किसान वहां नहीं पंहुचा।

शहडोल में 48 उपार्जन केंद्र व अनूपपुर में 30 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। किंतु प्रदेश के किसी भी जिले में उपार्जन केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं के नाम पर कुछ देखने को नहीं मिला। गोहपारू, सोहागपुर, बुढ़ार, जयसिंहनगर, ब्यौहारी व जैतपुर में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं पाई गई जिसपर जिला आपूर्ति अधिकारी व प्रभारी नान कमलेश टांडेकर ने बताया कि पहले दिन खरीदी नहीं हुई और किसान भी केंद्रों में नहीं पहुंचे। किंतु सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली गई है। किंतु गौरतलब बात ये है कि जो काम बहुत पहले ही किया जाना चाहिए था, वो अब एक दिन के अंदर कैसे पूरा किया जा सकेगा?

वैसे उपार्जन कार्यक्रम के एक हफ्ते पहले ही किसानों को खरीदी की तारीख जारी कर दी गई थी, किंतु एक भी किसान नहीं पंहुचा। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि किसानों ने धान की फसल काटकर गहाई तो कर ली है, लेकिन अभी उनमें नमी है। जिन्हें सुखाया जा रहा है। इसके अलावा अधिकतर किसान अभी रबी सीजन की फसलों की बुवाई के काम में जुट गए हैं। एक बार एसएमएस भेजने के 7 दिन के अंदर किसानों को अपने केंद्र पहुंचना होता है। नहीं आने की स्थिति में पूरे किसानों को सूचना दिए जाने के बाद जो नहीं आ पाये, उन्हें दोबारा नए सिरे से सूचना दी जाएगी।

जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह ने खरीफ फसल उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यकताओं का आकलन करने के निर्देश दिए हैं और सभी व्यवस्थाओं को भी सुनिश्चित करने को कहा है जिससे फसल बेचने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

बता दें कि फसलों का उपार्जन कार्य 29 नवंबर से 15 जनवरी तक चलेगा, और इसमें ऐसे किसान जिन्होंने अपना आधार नंबर जिस बैंक खाते से लिंक कराया होगा, उसी खाते में उनका उपार्जन भुगतान आएगा।

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