शादी की उम्र बढ़ा कर कर दी गई 21 साल, क्यूँ लगे इतने साल?
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शादी की उम्र बढ़ा कर कर दी गई 21 साल, क्यूँ लगे इतने साल?

भारत के ग्रामीण इलाकों में आज भी बाल-विवाह जैसी रूढ़ीवादी परंपराओं को निभाया जा रहा है. अगर आप अपनी गांव की जड़ों से जुड़े हुए हैं तो यकीनन बीते सालों में आपने इस तरह के कुछ मामले तो जरूर देखे होंगे. बीते दिनों तमिलनाडु से एक खबर आई जिसमें बाल विवाह कराने के जुर्म में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह एक मामला था जो पुलिस और प्रशासन की नजर में पड़ा और इस पर ऐक्शन लिया गया, लेकिन न जानें ऐसी कितनी ही मासूम जिंदगियां हैं जिन्हें न तो पुलिस की मदद मिलती है और न किसी संस्था की. इसी के चलते लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लग गई है. अब इसे कानूनी शक्ल देने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन किया जाएगा. इसके लिए केंद्र सरकार संसद में प्रस्ताव पेश करेगी.

लड़कियों की शादी की उम्र के साथ अब उनके पढ़ने के लिए तीन साल का समय भी और बढ़ गया है. हालांकि, भारत के बड़े शहरों में पहले ही लड़कियों की पढ़ाई और करियर को लेकर सोच काफी बदल गई है लेकिन, कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां लड़कियों की शादी 18 साल में हो जाती है और पढ़ाई रोक दी जाती है. ऐसे में केंद्र सरकार का लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल करना समाज सुधार से जुड़ा एक बड़ा कदम है. आइए समझते हैं कि शादी की उम्र बढ़ने का असर लड़कियों की पढ़ाई पर कैसे पड़ेगा.

  • उन्हें ग्रेजुएशन या कोई प्रोफेशनल कोर्स करने का समय मिल सकेगा। महिलाओं का पढ़ा-लिखा होना हमारे समाज के लिए जरूरी है, जिससे वह अपने कदमों में खड़ी हो सकें और सशक्त बनें. हालांकि,कि अब कई हद तक माता- पिता की सोच में बदलाव आया है और वह लड़कियों की पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं.
  • महिलाओं की शादी की उम्र बढ़ाने से उनको अपनी पढ़ाई पूरी करने का मौका मिलेगा. शादी के बाद वह अपने फैसले लेने के लिए मजबूत होंगी और अपने बच्चों को भी अच्छी शिक्षा दे सकेंगी.

आइए अब जानते हैं की शादी के लिए 21 साल उम्र क्यूँ है जरूरी

स्त्री पुरुष की शादी के लिए उम्र में आखिर इतना अंतर क्यूँ था? इसका कोई विशेष कारण नही था, विशेष क्या, इसका कोई कारण ही नही था। लॉ कमिशन के अनुसार लड़के और लड़की की शादी की न्यूनतम आयु बराबर होनी चाहिए ताकि वैवाहिक जीवन के निर्णयों में दोनों की भागीदारी बराबर हो। 18 साल की उम्र में शादी करवा देने की वजह से उन्हे प्रेग्नन्सी में भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। और यह उम्र का वो पड़ाव होता है जब लड़की अपने लिए खुद फैसले भी नही ले पाती। इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह लड़का लड़की के भेद को कम करना भी है।

1929 के दशक में शारदा ऐक्ट के तहत पहली बार लड़कियों की शादी की मिनमम ऐज 14 और लड़कों के लिए 18 तय की गई थी, फिर उसके बाद से दोनों के लिए शादी की कानूनी उम्र में 3-4 साल का अंतर बना रहा। उसके बाद कानून में इतना बड़ा बदलाव देखने को मिल है।

इस फैसले के बाद महिला और पुरुष के बीच जो ऐज गैप के कारण समस्या आती थी वह भी खत्म हो जाएगी। अक्सर जब भी लड़का लड़की की शादी होती है तो हमेशा यही देखा जाता है की लड़की की उम्र लड़के से कम ही होनी चाहिए। हम अपने आस पास ही क्यूँ न देख लें, कितने क्या 99% जोड़े ऐसे हैं जहां मर्दों की उम्र औरतों से ज्यादा होती है। लेकिन, जैसे की हमने पहले भी बताया की इसके पीछे कोई कारण नही है। कुछ कारण जो सोसाइटी ने फॉर्म कर लिए थे जिससे आप सतर्क रहें।

पहला, तालमेल अच्छा रहता है। जी हाँ, लोगों का मानना है की लड़कियां स्वभाव से ईमोशनल होतीं हैं और ऐसे में अगर लड़के की उम्र ज्यादा हो तो वो लड़की को भावनात्मक सहारा दे सकता है। और लड़की की उम्र छोटी होने के कारण लड़की भी लड़के की इज्जत करती है। देख लिया आपने हमारी सोसाइटी की रुड़ीवाद सोच को।

अब इस फैसले से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो खुश नही है, जी हाँ समाज का एक तबका ऐसा है जो इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनके अनुसार कम उम्र में होने वाले 70% विवाह अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति जैसे वंचित समुदायों में होती है, और वह कहते हैं की यह कानून इन विवाहों को रोकने के बजाय इन समुदायों को दोषी बनाकर कटघरे में लाकर खड़ा कर देगा। उनके अनुसार ऐसी शादियाँ अधिकतर लड़कियों के उच्च शिक्षा तक पहुँच नही होने के कारण होती है वो कहते हैं की शादी की उम्र बढ़ाने के बजाय यदि शिक्षा में उनकी पहुँच बाढ़ाई जाए तो यह लड़कियों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

स्पेन में ये 16 वर्ष है जो 2015 में 14 वर्ष थी। वहीं इंग्लैंड और वेल्स में लोग 17 से 18 वर्ष की उम्र में अपने माता-पिता की सहमति से शादी कर सकते हैं। चीन में पुरुषों के लिए शादी करने की उम्र 22 साल जबकि महिलाओं के लिए 20 साल है। धन्यवाद उम्मीद यही होगी की आपके सारे सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे। अधिक ऐसी जानकारी प्राप्त करने के लिए वोकल न्यूज शहडोल को लाइक शेयर और सबस्क्राइब करें।

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