What is Aam Aadmi Party's assembly election campaign?
Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

क्या है आम आदमी पार्टी का विधानसभा चुनाव कैंपेन?

एक ऐसी पार्टी जिसका उदय हुआ आजादी के बाद हुए देश के सबसे बड़े आंदोलन से, एक ऐसी पार्टी जिसने बात कि भारतीय राजनीति बदलने की, एक ऐसी पार्टी जिसने अपना नाम रखा ‘आम आदमी पार्टी’। जी हां बात हो रही है देश की राजधानी दिल्ली की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी के विधानसभा चुनाव 2022 कैंपेन की। देश में चुनावी बिगुल तो काफी पहले बज चुका है। इंतजार है, आगामी फरवरी महीने से होने वाली वोटिंग का।

उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, पंजाब और उत्तराखंड कुल मिलाकर पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। सभी राजनीतिक पार्टिया जोर-शोर से तैयारियों में लगी है, अपनी जीत के दावे कर रही हैं। सब की अलग रणनीति है, अलग मुद्दे हैं। किन घोषणाओं से जनता को लुभा सकते हैं? कौन सा प्लान काम करेगा? इन्ही सब बातो पर हर पार्टी अपना फोकस जमाये बैठी है। इनमे से आम आदमी पार्टी भी चुनाव जीतने और पार्टी का विस्तार करने की नियत से अपनी कमर कस चुकी है।


इस वक्त देश की नज़रे टिकी हुई है उत्तरप्रदेश चुनाव पर। यहाँ पर आम आदमी पार्टी ने सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है।पहली लिस्ट में डेढ़ सौ और दूसरी में 20 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह लिस्ट जारी करने के बाद यूपी में बदलाव की नई राजनीति के लिए राजनीति की गंदगी पर झाड़ू चलाने की बात कह रहे हैं। पार्टी बेसिक मुद्दों पर चुनाव लड़ने की बात कह रही है जिसमें MBA,पोस्ट ग्रेजुएट, डॉक्टर और इंजीनियर जैसे उम्मीदवारों को अलग-अलग सूचीबद्ध कर पार्टी पढ़े-लिखे उम्मीदवारों को मौका देने की बात कर रही है। पार्टी के कर्ताधर्ता अच्छी तरह जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में जातियों को साधे बिना काम नहीं चल सकता। इसलिए यहां के जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार खड़े किए गए हैं।

उत्तर प्रदेश चुनाव जीतने पर किए गए वादों में AAP ने हर साल 10 लाख सरकारी नौकरियां देने, 18 साल से ऊपर महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह देने, 300 यूनिट बिजली फ्री, पुराने बकाया माफ करने और शिक्षा बजट 25% रखने की बाते शामिल है। ऐसे वादे करके पार्टी की रणनीति, आम आदमी को लुभा कर अपना वोट बैंक बढ़ाने की है। यह तो बात हुई उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की। अब पंजाब विधानसभा चुनाव की बात करें तो आप यहां 20 सीटो के साथ मुख्य विपक्षी दल है। यहां भी ‘जनता चुनेगी अपना सीएम कैंपेन’ की शुरुआत कर आम जनता को सीधे सीधे साथ लाने की कोशिश है। इस कैंपेन के 21.5 लाख लोगों ने व्हाट्सएप, कॉल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए भगवंत मान को सबसे ज्यादा वोट दिये, जिसके बाद उन्हें पार्टी की ओर से सीएम फेस घोषित कर दिया गया।

हाल ही में पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा से अमित पालेकर को सीएम उम्मीदवार घोषित किया है। अमित पेशे से वकील हैं और भंडारी समाज से ताल्लुक रखते हैं। आपको बता दें कि गोवा में 35% वोट भंडारी समाज के पडते हैं। इन्ही को साधने की कोशिश है। काफी पहले से यह घोषणा करना की उम्मीदवार भंडारी समाज से होगा, मात्र एक वर्ग को फोकस करना क्या पार्टी को वोट जुटाने में मदद करेगा? वोटिंग के पहले और वोटिंग के बाद की स्थिति में काफी अंतर होता है। अभी की स्थिति आपके सामने हैं, आगे क्या कुछ हालात बनते हैं, देखते है।

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

साझा करें

ताजा खबरें

सब्सक्राइब कर, हमे बेहतर पत्रकारिता करने में सहयोग करें