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अंतरिक्ष की दुनिया में सुनीता विलियम्स

बचपन में गर्मी की छुट्टियों में आप कई बार छत पर सोए होंगे। असंख्य तारों से भरे आकाश को देख कर मन आश्चर्य और सुकून से भर जाता था। दूर-दूर तक फैली आकाशगंगा के बारे में जानने उसके रहस्य सुलझाने के लिए अक्सर हम अपने बड़ों के आगे पीछे सवालों की बौछार कर देते थे।

ऐसी ही एक अंतरिक्ष प्रेमी लड़की के बारे में आज हम बात करेंगे जिसने अपने मन के सवाल खुद सुलझाने की ठानी। जिसने खुली आंखों से अंतरिक्ष में जाने का सपना देखा और फिर उसे पूरा भी किया। आज ही के दिन 5 फरवरी 2007 को भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में एक बार में 195 दिनों तक रहने का रिकॉर्ड बनाया। इसी के साथ उनके नाम अंतरिक्ष में सर्वाधिक समय बिताने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री होने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया।उन्हें सर्वाधिक स्पेसवॉक और स्पेस वॉक का सबसे ज्यादा समय लेने वाली महिला होने जैसे रिकॉर्ड प्राप्त है।

सुनीता का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहियो में डॉक्टर दीपक पांड्या के घर हुआ। मैसाचुसेट्स से हाई स्कूल पास करने के बाद 1987 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की नौसैनिक अकादमी से फिजिकल साइंस में बीएस किया। उसके बाद 1995 में इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में एमएस की उपाधि हासिल की। सुनीता का अंतरिक्ष जाने का सफर जून 1998 में नासा में चयन होने पर हुआ। कल्पना चावला के बाद वे भारतीय मूल की दूसरी महिला है जो अंतरिक्ष मिशन पर गई।

सुनीता ने अब तक कुल 30 अलग-अलग अंतरिक्ष यानो में 2770 उड़ानें भरी हैं। उन्हें सन 2008 में भारत सरकार द्वारा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।सैकड़ों उपलब्धियों वाले अपने जीवन से लाखों करोड़ों लोगों को इंस्पायर करने वाली इस बहादुर नारी को हमारा आकाश भर प्रणाम । भारत को आप पर गर्व है।

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