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Ahmedabad Serial Blast 2008: क्या है पूरा मामला?

गुजरात के अहमदाबाद में साल 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में फैसला आया है. एक स्पेशल कोर्ट ने करीब 14 साल बाद आज मंगलवार को मामले में सुनवाई करते हुए 49 आरोपियों को दोषी ठहराया है. वहीं सबूत के अभाव में 28 अरोपियों को बरी कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोषियों को कल बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा और सजा का ऐलान होगा. बताया गया कि कोर्ट दो फरवरी को अपना फैसला सुनाने वाला था, मगर इससे पहले स्पेशल कोर्ट के जज एआर पटेल कोरोना संक्रमित हो गए।

केस 26 जुलाई, 2008 से जुड़ा है जब अहमदाबाद नगर पालिका क्षेत्र में करीब एक घंटे के भीतर सिलसिलेवार 21 बम धमाके हुए. पूरे देश को झकझोर देने वाले इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई और 200 से ज्यादा निर्दोष लोग बुरी तरह घायल हो गए. बम धमाकों के तुरंत बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिम्मेदारों को तुरंत पकड़ने के आदेश दिए थे. गुजरात के आला अफसरों की अगुवाई में टीम बनाई गई।

मालूम हो कि बम धमाके अहमदाबाद के जिस मणिनगर निर्वाचन क्षेत्र में हुए तब पीएम मोदी वहां से विधायक थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक मणिनगर में तीन बम धमाकों हुए. इसी तरह करीब एक घंटे के भीतर अहमदाबाद के अलग-अलग हिस्सों में 21 बम धमाके हुए थे. इनमें सिविल हॉस्पिटल और एलजी हॉस्पिटल में भी धमाके हुए।

इस मामले में कुल 82 आरोपी गिरफ्तार किए गए। केस चलने के दौरान दो की मौत हो गई थी। चार के खिलाफ अभी आरोप दायर करना बाकी है। कुल 76 आरोपियों की सुनवाई हो चुकी है। सूरत में बमों की बरामदगी मामले में कुल 71 आरोपी गिरफ्तार किए गए। दो की केस चलने के दौरान मौत हुई। तीन के खिलाफ अभी आरोप दायर किए जाने हैं जबकि 66 की सुनवाई हो चुकी है। इन मामलों में गिरफ्तार किए गए कुल आरोपियों में से नावेद नईमुद्दीन कादरी को मानसिक बीमारी के आधार पर जमानत पर रिहा कर दिया गया है और अयाज रजाकमिया सैय्यद मामले में सरकारी गवाह बन गया है, जिसे और गुजरात हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।

तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री,अमित शाह ने लगातार इस मामले की जांच की निगरानी की। उनकी और पुलिस टीम की मेहनत की ही नतीजा है कि आज इस मामले में इंसाफ मिला।  तब मुख्यमंत्री मोदी ने दृढ़ संकल्प था कि राज्य में इस तरह का कोई आतंकी घटना नहीं होने देंगे। सुरक्षा पुख्ता की जाएगी। इसी का नतीजा है कि 2008 के बाद से गुजरात में एक भी आतंकी घटना नहीं हुई थी।

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