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लखीमपुर खीरी में किसानो की हत्या के आरोपी आशीष मिश्रा को हाईकोर्ट ने जमानत दी ज़मानत।

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को किसान प्रदर्शनकारियों पर जीप चढ़ाकर उन्हें कुचलने के आरोपी आशीष मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जमानत दे दी। एक ओर जहां आशीष मिश्रा के पिता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग उठ रही थी, वहीं चुनावो के चलते आशीष मिश्रा को जमानत दिया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

बता दें कि लखीमपुर हिंसा मामले में आठ लोगों की मौत हो गई थी। बीते साल 3 अक्टूबर को किसान, कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। अचानक तेजी से आती एक एसयूवी कार ने पीछे से किसानों पर गाड़ी चला दी। घटना में 4 किसानों की मौत हो गई। किसानो ने आरोप लगाया कि कार केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की थी और घटना के वक्त उनका बेटा आशीष मिश्रा उर्फ मोनू कार में मौजूद था। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने ड्राइवर समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर सरकारी दफ्तरों तक हड़कंप मच गया था। दिनदहाड़े किसानों को बेरहमी से कुचल दिया गया था। तेजी से वायरल होते हुए वीडियो ने देशभर में तहलका मचा दिया।मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे और आशीष मिश्रा की तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठने लगी। 9 अक्टूबर को आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में उत्तर प्रदेश SIT ने हाल ही में चार्जशीट दाखिल की थी। 5000 पन्नो की चार्जशीट में एसआईटी ने आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बताया साथ ही आशीष के घटनास्थल पर मौजूद होने की बात कही थी। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एसआईटी ने आशीष मिश्रा की रिवाल्वर से फायरिंग करने की भी पुष्टि की ।

इतने सब के बावजूद बावजूद आखिर आशीष मिश्रा को जमानत कैसे मिली? आशीष मिश्रा के वकील ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ये तर्क दिया की प्रदर्शनकारियों को कुचलने का आदेश मिश्रा ने दिया ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं होने से उनको सीधे तौर पर हत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। याचिका में मिश्रा ने कहा कि घटना के वक्त वे कहीं और मौजूद थे। अंत में आशीष मिश्रा के वकील ने सुधार आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

आशीष की जमानत को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी किसान नेता राकेश टिकैत सहित कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं। 4 लोगों की हत्या के आरोपी को इतनी आसानी से बेल मिलना बहुत ग़लत है , लेकिन अब अचंभित नहीं करता। सत्ता और ताकत के दम पर बड़े से बड़े अपराध करके खुलेआम घूमना हमारे देश में आम बात हो गई है।

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