Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

Pulwama attack: कैसे वैलंटाइंस डे देश भर के लोगों के लिए बना काला दिन?

पूरी दुनिया में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे(Valentines Day) के रूप में मनाया जाता है लेकिन भारत के इतिहास में ये एक काला दिन है। इस दिन भारत पर आतंक का काला साया मंडराया था। पाकिस्तान के कायर आतंकियों के एक हमले में भारत ने आज ही के दिन दो साल पहले अपने 40 वीर जवानों को खो दिया था। आज ही के दिन जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मारी थी। इस टक्कर के बाद बस में तेज विस्फोट हुआ, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए।

पुलवामा हमले के बाद देश भर में गुस्से का उबाल था। हर तरफ एक ही शोर था- अपने शहीदों के बलिदान का बदला लेना जरूरी है। देश में एक तरफ गुस्से का उबाल था तो दूसरी ओर देशवासी गमगीन भी थे। देश के अलग-अलग राज्यों में वीर सपूतों को अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। लेकिन ठीक 12 दिन बाद भारत ने इस आतंकी हमले का बदला लिया। 

अब आपको पूरा मामला बताते हैं की आखिर कैसे इतना बड़ा झटका आखिर देशवासियों को लगा? दिन था गुरुवार, तारीख 14 फरवरी 2019 यानी वैलेंटाइन डे और समय करीब दोपहर के 3.30। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 2500 जवानों को लेकर 78 बसों में सीआरपीएफ का काफिला गुजर रहा था। सामान्य दिन की तरह ही उस दिन भी सीआरपीएफ के वाहनों का काफिला अपनी धुन में जा रहा था। हालांकि, घाटी में आतंकी गतिविधियों को देखते हुए काफिले में चल रहे सभी सुरक्षाकर्मी सतर्क थे। सड़क पर उस दिन भी सामान्य आवाजाही थी। सीआरपीएफ का काफिला पुलवामा पहुंचा ही था, तभी सड़क के दूसरे साइड से सामने से आ रही एक कार ने सीआरपीएफ के काफिले के साथ चल रहे वाहन में टक्‍कर मार दी। जैसे ही सामने से आ रही एसयूवी काफिले से टकराई और जब तक सीआरपीएफ के जवान कुछ समझ पाते तब तक विस्फोटकों से लदी इस कार ने ऐसा धमाका किया, जिससे पूरा देश दहल उठा। 14 फरवरी का दिन भारत के इतिहास में काला दिन साबित हो गया। 

सड़क के दूसरी तरफ से आकर आतंकी की कार ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले के एक वाहन में टकराकर ऐसा धमाका किया, जिसमें न सिर्फ जवान शहीद हुए, बल्कि बस के परखच्चे उड़ गए। यह हमला था या फिर कुछ और, यह बात भारतीय जवान जब तक समझ पाते आतंकियों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी तुरंत पोजिशन ली और काउंटर फायरिंग शुरू कर दी। सीआरपीएफ जवानों की फायरिंग को देख आतंकी वहां से भाग निकले। धमाका इतना जबरदस्त था कि कुछ देर तक सब कुछ धुआं-धुआं हो गया। जैसे ही धुआं हटा, वहां का दृश्य इतना भयावह था कि इसे देख पूरा देश रो पड़ा। उस दिन पुलवामा में जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जवानों के शव इधर-उधर बिखरे पड़े थे। चारों तरफ खून ही खून और मांस के टुकड़े दिख रहे थे। जवान अपने साथियों की तलाश में जुट गए। तुरंत पूरे देश में हाहाकार मच गया, क्योंकि तब तक हमारे देश के 40 बहादुर जवान शहीद हो चुके थे। कई जवान घायल अवस्था में तड़प रहे थे। सेना ने बचाव कार्य शुरू किया और उन्हें तुरंत ही अस्पताल ले जाया गया। बचाव कार्य और सर्च ऑपरेशन दोनों एक साथ चल रहे थे। 

इस हमले को अंजाम देने वाला आत्मघाती हमलावर आतंकी आदिल अहमद डार था। आतंकी आदिल अहमद डार ही उस कार को चला रहा था, जिसमें विस्फोटक थे। इसने खुद को इस हमले में उड़ा लिया। घटना के तुरंत बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली।  इस घटना ने देश को ऐसे झकझोरा कि सबके जुबान पर इसके बदले की बात आ गई। सभी आतंकियों से बदले की बात कर रहे थे। मीडिया और सोशल मीडिया से सरकार पर दबाव बन रहा था। हर नागरिक, सिविल सोसाइटी और विपक्ष सरकार को आतंकवादियों और उसके आका पाकिस्तान से बदला लेने के लिए कह रहा था। फिर आखिरकार ऐसा हुआ भी। भारतयी सेना ने पुलवामा हमले के ठीक 12 दिन बाद आतंकियों पर हमला किया। घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी खूब बढ़ गई। 

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
Share on telegram
Share on pinterest

साझा करें

ताजा खबरें

सब्सक्राइब कर, हमे बेहतर पत्रकारिता करने में सहयोग करें