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शिवसेना के नेताओ को क्यों टार्गेट किया जा रहा है?

जब भी कोई पार्टी नई- नई सत्ता में आती है तो उस पर बहुत बार बदले की राजनीति करने का आरोप लगते हैं। लेकिन यहां भी कई बार मुकाबला बराबरी का हो जाता है तो कई बार कोई पार्टी बुरी तरह पिट जाती है। इस वक्त फंसती नजर आ रही है महाराष्ट्र की सत्ता में काबिज शिवसेना और महा विकास आघाडी।

हाल ही में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के घर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की। थोड़ा वक्त ही बीता था कि यशवंत जाधव के घर आयकर विभाग की टीम पहुंच गई। नवाब मलिक पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से संबंध के आरोप है, इसी आधार पर टीम उनतक पहुँची और उन्हे पूछताछ के सिलसिले में ED के दफ्तर ले जाया गया और बाद में उनकी गिरफ्तारी हो गई।इस पर एनसीपी नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि महाविकास आघाडी के खिलाफ जो षड्यंत्र भाजपा कर रही थी, उसे आज पूरा महाराष्ट्र देख रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास कोई नोटिस तक नहीं आया। बिना किसी नोटिस के कार्यवाही की गई । यह महाराष्ट्र का अपमान है।

महाराष्ट्र के अपमान का तो कुछ कह नहीं सकते, लेकिन शिवसेना नेता संजय राउत इन सब में बहुत अपमानित महसूस कर रहे हैं। फरवरी के शुरुआती हफ्ते में संजय राउत के करीबी और रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीन राउत पर ED ने छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया। संजय राउत की बेटियों के फर्म में पार्टनर सुजीत पाटकर पर भी छापेमारी की गई। तब तक तो संजय राउत ईडी के अधिकारियों को चाय पिलाने की बात करते रहे। लेकिन सांसद महोदय तब आक्रामक मूड में आ गए आ गए जब उनकी बेटी की शादी के डेकोरेटर तक से ED पूछताछ करने पहुंच गई।इस पूछताछ पर संजय राउत ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा था कि हमारे ऊपर दादागिरी करने की कोशिश ना करें। हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। धमकियां देने वाले इतना याद रखें कि मुंबई का दादा सिर्फ शिवसेना है और कोई नहीं। उन्होंने ED को बीजेपी एजेंट बताते हुए बीजेपी नेताओं के जेल जाने की चेतावनी दी थी।

अब तक महाराष्ट्र के मंत्री अनिल देशमुख, अनिल परब, विधायक प्रताप सरनाईक , भावना गवली, नवाब मलिक, यशवंत जाधव आदि पर कार्यवाही हुई है। हालांकि शुरूआत बीजेपी नेता नारायण राणे की गिरफ्तारी से ही होना लगती है। दरअसल राणे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने की बात कह दी थी, जिसके बाद शिवसेना ने उन्हें गिरफ्तार करवा कर एक दिन की जेल की हवा खिला दी। संभवतः इसी के बाद से विपक्ष के खिलाफ केंद्र जांच एजेंसियों के जरिए बदले की राजनीति कर रहा है। NCP नेताओ पर लगे आरोप सही है या फ़र्ज़ी ये आगे पता चलेगा। शिवसेना और महाविकास अघाडी खुद को बचाने के क्या कुछ तरीके अपनाते है, देखने वाली बात रहेगी।

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