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दिल की धड़कन सुनकर खुद ब खुद बदल जाएगी गाने की धुन

संगीत हमारी जिंदगी में कुछ यूं रच बस गया है कि आप किसी तरह खुद को इससे अलग नहीं कर पाते। पहली बात तो ये कि संगीत को जिंदगी से आप निकालना ही नहीं चाहेंगे। लेकिन फिर भी अगर आप ऐसा चाहे तो यकीन मानिए जिंदगी के साथ-साथ आप खुद को भी नीरस पाएंगे।

सुबह की सैर करते वक्त, बर्तन धोते वक्त, जिम के दौरान, नहाते वक्त कई बार ऐसा होता है कि आप गाना बदलना चाहते हैं, लेकिन आपके हाथ खाली नहीं होते। मूड के हिसाब से बार-बार गाना बदलना एक तरह से आपको परेशान कर देता है। आपकी इसी परेशानी को दूर करने एक ब्रिटिश कंपनी एआई म्यूजिक आगे आई है। इस कंपनी ने दिल की धड़कन से किसी एक गाने को अलग अलग धुन और ताल पर सुन सकने की तकनीक का विकास किया है। हाल ही में इस कंपनी को एप्पल ने टेकओवर किया है। इस करार के बाद म्यूजिक इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आने की संभावना लग रही है।

आपके मन मे सवाल उठ रहे होंगे कि ये टेक्नोलॉजी क्या है, कैसे काम करेगी?भई हार्ट बीट से आखिर कैसे गाने की धुन बदली जा सकती है? 21वीं शताब्दी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सैकड़ों अविष्कार किए जा रहे हैं। अब धुन बदलने के लिए यही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम सबसे पहले आप की धड़कन को समझेगा। कंपनी की ओर से दिए गए वियरेबल गैजेट्स जैसे की एयरफोन, हेड बैंड, हैंड वॉच , आपकी हार्टबीट को समझकर एआई सिस्टम जो कि मोबाइल में होगा, उसे सिग्नल भेजेंगे। अब जैसे ही एआई को आप की धड़कन सुनाई देगी, वैसे ही वह धुन कंपोज करना शुरू कर देगा।

धड़कन सामान्य होने पर डीप हाउस, वर्कआउट के दौरान ड्रम एंड बेस, शांति से बैठे या लेटे होने पर स्लो एंड रीवर्ब में गाने की धुन को बदल देगा। दरअसल ये AI संगीत में इस्तेमाल होने वाले 12 नोट्स और 24 मेजर माइनर स्केल का इस्तेमाल कर इन्हे मिक्स करके अलग-अलग तरह की लाखों ट्युन बना सकता है।

ऐसी तकनीको और अविष्कारों से हमारा जीवन कितना आसान होता जा रहा है लेकिन याद रहे मशीनों पर अधिक निर्भरता हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकती है। शरीर में हरकत बनाए रखें, एक्टिव बने रहे। कल को कहीं आप खुद ही एक मशीन बनकर ना रह जाये।

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