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अखबारों पर संकट गहरा: कागज में तेजी से वृद्धि

दुनियाभर के अखबारों पर संकट गहरा रहा है। दरअसल, अखबार में इस्तेमाल होने वाले कागज में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके चलते अखबार निकालना किसी चुनौती से कम नहीं है।

इस कागज का उत्पादन घटा है और सप्लाई कमजोर हुई है। यही वजह है कि अखबारी कागज के दाम ऑलटाइम हाई हो गए हैं।

अगर भारत की बात करें तो यह अपनी जरूरत का करीब 50% अखबारी कागज दूसरे देशों से खरीदता है। आयात किए गए अखबारी कागज की कीमत दिसंबर 2020 तक 380 से 400 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन थी, जो अब बढ़कर 1,050 से 1100 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गई है। मतलब साफ है कि अखबारी कागज की कीमत में 175% से ज्यादा का इजाफा हुआ है।

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