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क्या था अन्ना आंदोलन की सफलता का राज़?

2011 का अन्ना आंदोलन आपको याद है, इसे देश की आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा जन आंदोलन कहा गया। आज तारीख है 9 अप्रैल और यही तारीख आज के दिन को अन्ना आंदोलन से जोड़ती है।सामाजिक कार्यकर्ता और देश में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की अलख जगाने वाले अन्ना हजारे ने 2011 में दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन शुरू कर दिया।

अन्ना भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अनशन पर थे। उनकी मांग थी कि सरकार लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए एक कमेटी बनाए। सरकार ने उनकी मांग मानते हुए अनशन के पांचवें दिन, यानी 9 अप्रैल को इसके लिए अधिसूचना जारी की, जिसके बाद अन्ना ने एक छोटी बच्ची के हाथों नींबू पानी पीकर अपना अनशन तोड़ दिया लेकिन साथ ही ये भी कहा कि 15 अगस्त तक लोकपाल विधेयक पास नहीं किया जाता है, तो अगले दिन से वो एक बार फिर आंदोलन शुरू करेंगे।

15 अगस्त तक विधेयक पास नहीं हुआ और 16 अगस्त को अन्ना दोबारा अनशन पर बैठ गए। इसके बाद देशभर में अन्ना के समर्थन में आंदोलन शुरू हो गए। आखिरकार सरकार ने आनन-फानन में इस बिल को लोकसभा में पेश किया।लोकसभा में बिल पास होने के बाद ही अन्ना का आंदोलन खत्म हुआ।

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